इजरायल ने की तबाही वाली एयरस्ट्राइक, इस्फहान एयरपोर्ट पर ईरान के कई F-14 लड़ाकू विमान किए तबाह
इजरायल ने दावा किया है कि इस्फहान एयरपोर्ट पर किए गए हवाई हमले में ईरान के कई F-14 टॉमकैट लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए गए. इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव और तीव्र हो गया है.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है. इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के इस्फहान एयरपोर्ट पर हवाई हमला कर कई F-14 टॉमकैट लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया. इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए की गई जो उनके विमानों के लिए खतरा बन सकती थीं. इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा कई देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता गहराने लगी है.
इस्फहान एयरपोर्ट पर हवाई हमला
इजरायली सेना के अनुसार यह हवाई हमला इस्फहान एयरपोर्ट पर किया गया, जहां ईरान के कई सैन्य विमान और वायु रक्षा प्रणाली मौजूद थीं. सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इन संसाधनों का इस्तेमाल इजरायली विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था. इसी आशंका को देखते हुए इजरायल ने यह कार्रवाई की. हमले के बाद एयरपोर्ट के आसपास भारी नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं.
F-14 टॉमकैट विमानों का महत्व
हमले में जिन F-14 टॉमकैट लड़ाकू विमानों के नष्ट होने का दावा किया गया है, वे ईरान की वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. ये विमान मूल रूप से अमेरिका ने 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले ईरान को दिए थे. आज भी अमेरिका के अलावा ईरान ही ऐसा देश है जिसने इन विमानों का संचालन जारी रखा है. इसलिए इनका नष्ट होना ईरान की सैन्य क्षमता पर असर डाल सकता है.
अन्य सैन्य ठिकानों पर भी हमले
रिपोर्टों के अनुसार इजरायल ने तेहरान के मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि वहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स से जुड़े कुछ विमान मौजूद थे. इन हमलों का उद्देश्य ईरान के सैन्य नेटवर्क को कमजोर करना बताया जा रहा है. इससे पहले भी कई रणनीतिक ठिकानों पर हमले की खबरें सामने आ चुकी हैं.
पूरे क्षेत्र में बढ़ा तनाव
संघर्ष का असर अब केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा. तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में तेल भंडारण स्थलों पर हमलों के बाद आग लगने और कुछ लोगों के घायल होने की खबरें आई हैं. कुवैत सिटी में भी हमलों के बाद आग बुझाने के प्रयास किए गए, जबकि सऊदी अरब ने रियाद के पास कुछ ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है. इन घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया में बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है.
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