इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने सोमवार को यमन के होदेइदा बंदरगाह पर हवाई हमले शुरू किए, जिसे उन्होंने "हूती आतंकी शासन के सैन्य ढांचे" के रूप में निशाना बनाया. इस हमले ने हूती समूह की सैन्य शक्ति को कमजोर करने की रणनीति को और मजबूत किया है.
हवाई हमलों का उद्देश्य
आईडीएफ ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि इन हवाई हमलों में कई सैन्य संपत्तियों को नष्ट किया गया, जिनमें बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए उपयोग किए जा रहे इंजीनियरिंग उपकरण, ईंधन टैंक और इज़राइल तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले नौसैनिक जहाज शामिल हैं.
तेहरान जैसा ही होगा यमन का हाल
इज़राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने बयान में कहा, "सोमवार को इज़राइली सेना ने होदेइदा बंदरगाह पर हूती आतंकी शासन के आतंकी ठिकानों पर हमला किया और पहले से हमले में क्षतिग्रस्त आतंकी ढांचे को बहाल करने की किसी भी कोशिश को बलपूर्वक रोक रही है." उन्होंने आगे कहा, "यमन का भाग्य तेहरान जैसा ही होगा," जो हाल ही में इज़राइल और ईरान के बीच हुए संघर्ष का जिक्र करता है.
हूती समूह की प्रतिक्रिया
हूती-संबद्ध अल-मसीरा टेलीविजन चैनल ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि "इज़राइली हवाई हमलों की एक श्रृंखला ने होदेइदा बंदरगाह को निशाना बनाया." एक हूती सुरक्षा अधिकारी ने एएफपी को बताया कि "बमबारी ने बंदरगाह के गोदी को नष्ट कर दिया, जिसे पहले के हमलों के बाद पुनर्निर्मित किया गया था."
इज़राइल का पहला समुद्री हमला
यह ध्यान देने योग्य है कि इज़राइल ने इस साल जून में पहली बार यमन के विद्रोही नियंत्रित होदेइदा बंदरगाह पर समुद्री हमला किया था, जो ईरान समर्थित हूती समूह के खिलाफ उसका पहला समुद्री हमला था. इस नवीनतम हमले ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसके दीर्घकालिक प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकते हैं.