CNN और अल जजीरा के नाम का इस्तेमाल कर आतंक का प्रसार कर रहा था ISIS, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट
ISIS Fake Channel News: इस्लामिक स्टेट के आतंकी इस्लामिक चरमपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल मीडिया आउटलेट का सहारा ले रहे थे. आईएस के आतंकियों ने इसके लिए अमेरिकी मीडिया आउटलेटसीएनएन और कतरी मीडिया अलजजीरा के नकली चैनल बनाकर चरमपंथी विचारों का प्रचार प्रसार किया है. इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग ने इस बारे में खुलासा किया है. यह रिपोर्ट ऑनलाइन आतंकवाद के नए स्वरूप को लेकर चौकन्ना रहने की हिदायत देती है.
ISIS Fake Channel News: आतंकी संगठन ISIS ने वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube और Facebook पर विदेशी मीडिया आउटलेट के नाम पर फेक चैनल बनाकर इस्लामिक चरमपंथ का प्रचार प्रसार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने ग्लोबल मीडिया आउटलेट सीएनएन और अलजजीरा के फर्जी चैनल बनाकर इस्लामिक चरमपंथ को बढ़ावा देने वाला कॉन्टेंट बनाया और इसे लोगों तक प्रसारित किया. इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ISIS के आतंकियों ने फेक चैनल्स के अलावा दो हैंडल्स भी फेसबुक और एक्स ( पूर्व में ट्विटर ) पर चलाए. इन हैडल्स को चलाने में उसे 'वॉर एंड मीडिया' आउटलेट का समर्थन भी मिला.
रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी चरमपंथ का प्रचार करने के लिए स्थापित इन फेक चैनल्स का इस्तेमाल लोगों तक पहुंच बढ़ाने के लिए किया गया. इन चैनल्स पर अपलोड किए गए वीडियो महीनों तक प्रसारित होते रहे. हालांकि फेसबुक ने अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले इन वीडियोज को कुछ समय बाद हटा दिया था, लेकिन फेसबुक ने यह कार्रवाई कब की इस बारे में सटीक जानकारी नहीं है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया
इन यूट्यूब और फेसबुक हैंडलों पर वीडियो में न केवल फर्जी लोगो थे बल्कि स्क्रीन के नीचे समाचार टिकर भी थेजो स्क्रिप्ट या स्क्रीन पर चल रही सामग्री के अनुसार समाचारों को दिखाते थे जिससे इनकी विश्वसनीयता की पुष्टि होती थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन वीडियो को बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. इन वीडियोज को बाद में आईएस से जुड़े विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया.
वैश्विक व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद विश्वसनीय मीडिया आउटलेट्स का फेक अकाउंट बनाकर दुष्प्रचार फैलाने की नई रणनीति का खुलासा हुआ है. आतंकी इनका इस्तेमाल हनी पॉट के रूप में कर रहे हैं. आतंकियों द्वारा विश्वसनीय समाचार प्रसारकों का फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों तक ऐसी सामग्री पहुंचाना जो उनके लिए खतरनाक है पूरी वैश्विक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है. यह ऑनलाइन आतंकवाद का नया पैटर्न है जिससे यूजर आसानी से प्रभावित हो सकता है.