इस्लामाबाद में होने जा रही ईरान और अमेरिका की सेकेंड राउंड बातचीत? पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका अहम
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म कराने की कोशिश की जा रही है. इस क्रम में दूसरी बार शांति वार्ता का आयोजन किया जा रहा है. हालांकि इसे लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर से कूटनीतिक कोशिश तेज हो गई है. रिपोर्ट की मानें तो दोनों देशों के बीच अगले दौर की शांति वार्ता अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है. हालांकि अभी किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन मैदान पर हो रही गतिविधियां इस संभावना की ओर इशारा कर रही हैं.
पहले दौर के दौरान कोई ठोस समझौता नहीं हो सका था. उस दौरान 21 घंटे से अधिक चली चर्चाओं के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने रहे. हालांकि पाकिस्तान द्वारा लगातार दोनों देशों के बीच जंग खत्म करवाने की कोशिश की जा रही है.
पाकिस्तान में हलचल तेज
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी भारी सैन्य विमान C-17 ग्लोबमास्टर III रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतर चुके हैं. यह एयरबेस इस्लामाबाद से काफी करीब है. एयरबेस से शहर के रेड जोन तक जाने वाली मुख्य सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है. इसके अलावा, इस्लामाबाद के प्रमुख होटलों खासकर सेरेना होटल और मैरियट होटल को भी खाली कराया जा रहा है. इन होटलों में नई बुकिंग पर रोक लगा दी गई है. याद रहे कि पहला दौर की बातचीत 11 अप्रैल को सेरेना होटल में ही हुई थी. 21 अप्रैल तक सीजफायर का ऐलान किया गया था. कहा जा रहा है कि 24 अप्रैल को दूसरी राउंड बातचीत होगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि सीजफायर को बढ़ाया जाएगा या नहीं.
क्या है दोनों देशों की राय?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही संकेत दिया है कि वे सीजफायर बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. फिर भी, अगर कोई समझौता होता है तो ट्रंप खुद इस्लामाबाद आकर उस पर हस्ताक्षर करने की इच्छा जता चुके हैं. उन्होंने पाकिस्तान की इस प्रक्रिया में निभाई जा रही भूमिका की सराहना भी की है. अलजजीरा समेत विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद के माध्यम से लगातार संपर्क में हैं. कोशिश यह है कि अगले दौर से पहले अधिकतम समझ बनाई जा सके. पहले कुछ रिपोर्ट्स में रविवार तक प्रतिनिधियों के पहुंचने और सोमवार को औपचारिक वार्ता शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन ईरान की ओर से उस पर असहमति जताई गई थी.
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