ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हैं घायल? ‘जानबाज’ शब्द से दुनिया भर में अटकलें तेज

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अटकलें तेज हैं. सरकारी टीवी ने उन्हें 'रमजान युद्ध का जानबाज' कहा है, जिससे उनके घायल होने की चर्चा बढ़ गई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

@OdogOffLeash
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. अमेरिकी-इजरायली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद विशेषज्ञ परिषद ने उनके बेटे मोजतबा को देश का सर्वोच्च नेता घोषित किया.

लेकिन नियुक्ति के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. इसी बीच ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें 'रमजान युद्ध का जानबाज' बताया, जिसके बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि हालिया हमलों में वे घायल हुए हो सकते हैं.

सुप्रीम लीडर बनने के बाद रहस्यमय चुप्पी

अली खामेनेई की मौत के कुछ ही दिनों बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया. लेकिन नियुक्ति के बाद से उनका कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है. न तो उनकी तस्वीर जारी हुई है और न ही किसी कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है. इस असामान्य चुप्पी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विश्लेषकों के बीच कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है.

'जानबाज' शब्द से बढ़ी चर्चा

ईरान के सरकारी टीवी ने मोजतबा खामेनेई को 'रमजान युद्ध का जानबाज' कहकर संबोधित किया. फारसी में 'जानबाज' शब्द आम तौर पर ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है जो युद्ध में घायल हुआ हो. इसी शब्द के इस्तेमाल के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि हालिया संघर्ष के दौरान वे घायल हुए हो सकते हैं. हालांकि सरकारी मीडिया ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रभाव

मोजतबा खामेनेई लंबे समय से अपने पिता के दफ्तर और सत्ता के प्रभावशाली केंद्रों से जुड़े रहे हैं. उनके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी से करीबी संबंध बताए जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से ईरान की मौजूदा नीतियों में निरंतरता बनी रह सकती है. हालांकि उन्होंने पहले कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला था.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ती आशंका

मोजतबा के सत्ता में आने पर अमेरिका और इजराइल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके नेतृत्व को स्वीकार्य नहीं बताया, जबकि इजराइल ने उन्हें सख्त रुख वाले नेता के रूप में देखा है. विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा युद्ध के माहौल में मोजतबा खामेनेई सबसे ज्यादा निशाने पर रहने वाले नेताओं में से एक बन गए हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.