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'खामेनेई पर हमला मतलब पूरे राष्ट्र के खिलाफ युद्ध', ट्रंप के नेतृत्व परिवर्तन वाले बयान पर ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि सुप्रीम लीडर खामेनेई पर किसी भी हमले से पूरी तरह से युद्ध छिड़ जाएगा, क्योंकि देश भर में विरोध प्रदर्शन फैल गए हैं, मरने वालों की संख्या 5,000 से ज्यादा हो गई है, और सरकार ने अशांति से जुड़े संभावित फांसी की सजा के संकेत दिए हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई पर किसी भी हमला का मतलब पूरी ईरानी जनता के खिलाफ युद्ध होगा. देशभर में विरोध प्रदर्शन फैल चुके हैं, और सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 5,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. न्यायपालिका ने कहा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को 'मोहरेब' करार दिया गया है, जिसका अर्थ ईस्लामिक कानून के तहत फांसी है. तनाव के बीच अमेरिका और उसके सहयोगियों पर भी सरकार ने दोष लगाया.

खामेनेई पर हमला मतलब युद्ध

ईरानी राष्ट्रपति मासूद पेजेश्कियन ने कहा कि किसी भी अन्यायपूर्ण हमले का उत्तर 'कड़ा और खेदजनक' होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी ने खामेनेई को निशाना बनाया, तो इसे ईरानी राष्ट्र के खिलाफ पूर्ण युद्ध के रूप में देखा जाएगा. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के जवाब में आया, जिन्होंने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात कही थी.

देशभर में विरोध प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शन पिछले महीने तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए और जल्दी ही राजनीतिक स्वरूप ले लिया. छात्र, दुकानदार और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए, और मौलिक शासन के खिलाफ खुले तौर पर आवाज उठाई. इंटरनेट बंद और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बावजूद, हिंसक संघर्ष और गिरफ्तारी की घटनाएं जारी रहीं.

न्यायपालिका की चेतावनी और फांसी की संभावना

ईरानी न्यायपालिका ने रविवार को संकेत दिया कि विरोध से जुड़े कुछ मामलों में फांसी की सजा दी जा सकती है. प्रवक्ता असगर जहांगीर ने कहा कि कुछ कृत्यों को 'मोहरेब' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो इस्लामिक कानून के तहत सबसे गंभीर दंड है. इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है, जबकि सरकार ने विरोध को विदेशी साजिशों से जोड़कर देखा है.

मृत्युदर और हिंसा का विस्तार

ईरानी अधिकारी के अनुसार, अधिकांश मौतें उत्तर-पश्चिम में कुर्दिश इलाकों में हुई हैं, जो पहले भी अशांति का केंद्र रहे हैं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, सशस्त्र कुर्द अलगाववादी समूह इराक से ईरान में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे. सुरक्षा बलों ने कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिका पर आरोप

ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर देश की आर्थिक कठिनाइयों और अशांति में योगदान देने का आरोप लगाया है. इस बीच, यूरोपीय नेताओं और वैश्विक समुदाय ने भी मौतों और हिंसा पर चिंता व्यक्त की है. ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य संपत्तियों को क्षेत्र में तैनात किया है, लेकिन कोई स्पष्ट कार्रवाई अभी घोषित नहीं की गई है.