‘ईरान के साथ युद्ध समाप्त, कांग्रेस की मंजूरी नहीं चाहिए…’ ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिका और ईरान के बीच शांति संधि का इंतजार पूरी दुनिया को है. ट्रंप ने साफ किया है कि जंग अब खत्म हो चुकी है. साथ ही ईरान के साथ सीक्रेट बातचीत जारी रहने की भी बात कही है.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति संधि कब होगी, इसका इंतजार दुनिया कर रही है. कई बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. ट्रंप प्रशासन ने ऐलान करते हुए कहा है कि मिडिल-ईस्ट की जंग अब खत्म हो चुकी है. उन्होंने कहा कि जब पिछले महीने सीजफायर शुरू हुआ तो इस टकराव को खत्म कर दिया गया था. 

ट्रंप का कहना है कि उन्हें इस बात की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है कि उन्हें मिलिट्री कार्रवाई जारी रखनी है या नहीं. बता दें कि अमेरिकी कानून के तहत, अगर राष्ट्रपति कोई मिलिट्री कार्रवाई शुरू करते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के अंदर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है.

कौन-कौन शामिल हैं ट्रंप प्रशासन में:

ट्रंप प्रशासन के कई बड़े अधिकारी शामिल हैं, जिनमें रक्षा सचिव पीट हेगसेथ भी हैं. इन्होंने तर्क दिया है कि 7 अप्रैल के बाद से अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच गोलीबारी जैसी कार्रवाई नहीं की गई है. साथ ही यह भी कहा है कि सीजफायर के चलते 60 दिनों की डेडलाइन भी थम गई है. 

वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन के साथ बातचीत के दौरान हेगसेथ ने कहा कि अभी सीजफायर की स्थिति चल रही है. इससे 60 दिनों की डेडलाइन रुक जाती है. हालांकि, इस पर आखिरी लीगल फैसला व्हाइट हाउस के वकीलों पर छोड़ दिया जाएगा. हालांकि, इन सभी बातों से डेमोक्रेट्स इतेफाक नहीं रखते हैं. 

डेमोक्रेट्स नहीं हैं सहमत:

हालांकि, डेमोक्रेट्स इस व्याख्या से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं. सीनेटर केन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कानून व्हाइट हाउस के इस रुख का समर्थन नहीं करता है. जो स्थिति इस समय बनी हुई है, वो कानूनी रूप से कई सवाल खड़े करती है. इसके बारे में कई लोगों का मानना है कि इसे बिना सही मंजूरी के अमेरिकी लोगों पर थोपा गया था. वहीं, पीट हेगसेथ ने प्रशासन के रुख का समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सेना को नागरिकों की सुरक्षा का ख्याल है. 

ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ सीक्रेट टॉक जारी है. साथ ही कहा कि अमेरिका की सख्त मिलिट्री नाकेबंदी की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था बहुत बुरे हाल में है.