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फेल हुआ ईरान-अमेरिका न्यूक्लियर टॉक तो शुरु हो जाएगा युद्ध! आज जिनेवा में थर्ड राउंड बातचीत की तैयारी

ईरान और अमेरिका के बीच गुरुवार को तीसरी वार्ता होने जा रही है. इसके लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल जेनेवा के लिए निकल चुके हैं.

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Shanu Sharma


ईरान और अमेरिका के बीच लगभग युद्ध का माहौल बन चुका है, हालांकि इसके बीच दोनों देश गुरुवार को तीसरे राउंड बातचीत करने जा रही  है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल जेनेवा में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने वाले हैं. इस बात की जानकारी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार की शाम दी. उन्होंने उम्मीद जताई की इस बातचीत के अच्छे परिणाम आ सकते हैं. 

पेजेश्कियान ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि इस वार्ता में हम अच्छे रिजल्ट की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन से आगे बढ़ रहा है, इस दौरान यही कोशिश की जाएगी कि किसी भी हाल में इस युद्ध कि स्थिति से बाहर निकला जा सके. 

राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिनेवा पहुंच चुका है. इस वार्ता में ओमानी विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध और शांति दोनों विकल्पों के लिए पूरी तरह तैयार है. साथ में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. अमेरिकी पक्ष की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर वार्ता में शामिल होने वाले हैं. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने 19 फरवरी को ईरान को इस समझौते पर सहमत होने के लिए 10 से 15 दिनों का समय दिया था. साथ ही धमकी भी दी थी कि अगर इस पर सहमत नहीं होते हैं तो इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा था कि ईरान को अभी समझौते की ज्यादा जरूरत है. 


दो वार्ताएं हो चुकी है फेल

अमेरिका और ईरान के बीच इस वार्ता से पहले दो वार्ता हो चुकी है. हालांकि दोनों वार्ताएं उतनी सफल नहीं हुई. जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एयरपोर्स और युद्धपोत को अलर्ट मोड पर कर रखा है. वहीं ईरान के अंदर भी युवाओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है. ऐसे में अगर ईरानी सरकार ट्रंप से सहमत नहीं होते हैं तो आशंका जताई जा रही है कि किसी भी समय युद्ध शुरु हो सकता है. हालांकि मिडिल ईस्ट क्ंट्रीज ने इस युद्ध में राष्ट्रपति ट्रंप को साथ देने से मना कर दिया है. ऐसे में आज की यह वार्ता काफी महत्वपूर्ण है. जिसके बाद ईरान के भविष्य का पता चल पाएगा.