'बातचीत का ढोंग कर रहा है', ईरान ने US पर लगाए गंभीर आरोप; खाड़ी देशों को दी सजा भुगतने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका पर गुपचुप तरीके से जमीनी हमले की तैयारी का आरोप लगाया है. वहीं, खाड़ी क्षेत्र में एल्युमीनियम संयंत्रों पर हुए हमलों ने औद्योगिक संकट खड़ा कर दिया है.
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब जमीनी टकराव की आशंकाओं में बदलती नजर आ रही है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने वॉशिंगटन पर गंभीर आरोप लगाते हुए वैश्विक समुदाय को आगाह किया है. रॉयटर्स ने ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि गालिबाफ का मानना है कि अमेरिका सार्वजनिक मंचों पर तो कूटनीति और बातचीत का ढोंग कर रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे वह ईरान पर जमीनी हमले की गुप्त तैयारी में जुटा है.
स्पीकर गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना किसी भी संभावित अमेरिकी दुस्साहस का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका कोई भी कदम उठाता है, तो ईरान न केवल उसका कड़ा जवाब देगा, बल्कि वॉशिंगटन के उन क्षेत्रीय सहयोगियों को भी दंडित करेगा जो उसकी मदद कर रहे हैं. कालिबफ के अनुसार, ईरानी सेना केवल आदेश का इंतजार कर रही है और देश की रक्षा के लिए जवाबी हमले के विकल्प खुले रखे गए हैं.
खाड़ी के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा प्रहार
इस राजनीतिक तनाव के बीच जमीनी स्तर पर हमलों का सिलसिला शुरू हो चुका है. बहरीन की प्रमुख कंपनी एल्युमीनियम बहरीन (Alba) ने पुष्टि की है कि उसके संयंत्र पर हुए हमले में भारी नुकसान हुआ है. शनिवार को हुए इस मिसाइल और ड्रोन हमले में कंपनी के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बड़े उत्पादक Emirates Global Aluminium ने भी अपनी साइट पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद व्यापक क्षति की जानकारी दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और शिपिंग में बाधा
ये हमले ऐसे संवेदनशील समय में हुए हैं जब ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिए जाने के कारण वैश्विक शिपिंग और आपूर्ति श्रृंखला पहले ही बुरी तरह प्रभावित है. खाड़ी के एल्युमीनियम उत्पादक इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं. एक तरफ उनके संयंत्रों को निशाना बनाया जा रहा है, और दूसरी तरफ कच्चे माल व शिपिंग की आवाजाही ठप पड़ी है.
आईआरजीसी (IRGC) का दावा: अमेरिकी सेना से था फैक्ट्रियों का संबंध
ईरान के शक्तिशाली संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह ईरानी औद्योगिक स्थलों पर हुए हमलों का करारा जवाब है. आईआरजीसी ने इन कंपनियों पर आरोप लगाया कि इनके संबंध अमेरिकी सेना और उसके एयरोस्पेस क्षेत्रों से हैं, जिस कारण इन्हें निशाना बनाया गया है. फिलहाल, पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक तनाव के कारण अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
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