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'रूस पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई', पुतिन के सैनिकों ने तेहरान से उड़ाकर पहुंचाया मॉस्को; पजेश्कियन ने मांगी थी 'मदद'

अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई में अब रूस की भी एंट्री हो चुकी है. माना जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई देश छोड़कर मॉस्को भाग गए हैं.

Grok AI
Shanu Sharma

अमेरिका-इजरायल और ईरान के इस लड़ाई में रूस और चीन को पहले से ही जोड़ा जा रहा था. कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि इन दोनों की मदद से रूस अपने लड़ाई बढ़ा रहा है. अब सामने आ रहे नए रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा किया जा रहा है. कुवैती अखबार 'अल जरीदा' में यह दावा किया गया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने रूस की शरण ली है. 

रिपोर्ट के मुताबिक मोजतबा खामेनेई ने स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुप्त रूप से रूस लाए गए हैं. दावा किया जा रहा है कि रूसी सैन्य विमानों से उन्हें मॉस्को लाया गया है. जहां उनका इलाज किया जा रहा है. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने रूस से उनके शरण देने का प्रस्ताव रखा था.

रूस में इलाज करवा रहे मोजतबा? 

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही इस जंग में मौत हो चुकी है. माना जा रहा है ऐसे में ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को लोकेशन लीक होने का डर था. इसीलिए उन्होंने मॉस्को में शिफ्ट करने का फैसला लिया. हालांकि इस बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है और इंडिया डेली इस खबर की पुष्टि नहीं करता है. मोजतबा खामेनेई को लेकर पहले से ही कई दावे किए जा रहे हैं. कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिका-इजरायल हमलों में उन्हें गंभीर चोटें आईं है. वहीं कुछ रिपोर्टों में उनके कोमा में जाने की बात और कुछ में पैर कटने की भी बात कही जा रही है. हालांकि ईरानी अधिकारियों द्वारा इन अफवाहों को खारिज करने के लिए कहा गया है, उन्होंने कहा कि मोजतबा सुरक्षित हैं. हालांकि लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आने के कारण उन्हें लेकर ऐसे दावे किए जा रहे हैं.


अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मोजतबा को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है कि वो जिंदा है भी या नहीं. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि मैं ये सुन रहा हूं कि शायद वे अब नहीं रहें. उन्होंने कहा कि अगर जिंदा है भी तो उन्हें आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. इजरायल भी खामेनेई परिवार के खिलाफ सख्त है. इस युद्ध की स्थिति में उनका नजर ना आना अब नए चर्चा का कारण बना हुआ है. इस लड़ाई में अब रूस की भी मजबूत स्थिति नजर आई है.