'अस्थायी युद्धविराम समझौते के लिए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा...', ट्रंप की गाली-गलौज के बाद ईरान ने लगा दी शर्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर तेहरान समझौते पर सहमत नहीं होता और होर्मुज को नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर हमला कर सकता है.
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित संघर्ष विराम को लेकर बातचीत तेज हो गई है. दोनों देश एक दो चरणीय योजना पर विचार कर रहे हैं, जिसमें पहले अस्थायी युद्धविराम और फिर स्थायी समझौते की संभावना शामिल है. हालांकि, ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह किसी भी अस्थायी समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार नहीं है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है.
बातचीत का नया फ्रेमवर्क
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित योजना को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल माना जा रहा है. इस फ्रेमवर्क में पहले तुरंत संघर्ष विराम लागू करने और फिर व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है. सूत्रों के अनुसार, इस पहल में क्षेत्रीय देशों की भी भूमिका है, जो दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने में मदद कर रहे हैं.
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थता
इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर लगातार अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के संपर्क में रहे हैं. उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची से बातचीत कर इस पहल को आगे बढ़ाने की कोशिश की है. इस संभावित समझौते को अनौपचारिक रूप से इस्लामाबाद एकॉर्ड कहा जा रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अड़चन
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अस्थायी युद्धविराम के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तेहरान किसी भी तरह के दबाव या समयसीमा को स्वीकार नहीं करेगा. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इसके बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ी हुई है.
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर तेहरान समझौते पर सहमत नहीं होता और होर्मुज को नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर हमला कर सकता है. ट्रंप ने पहले तय समयसीमा को बढ़ाते हुए ईरान को अंतिम मौका दिया है, लेकिन साथ ही कड़े शब्दों में कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.
संघर्ष और वैश्विक असर
बीते कई हफ्तों से जारी इस संघर्ष ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है. हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और हवाई हमले लगातार जारी हैं. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है.