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'लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई', लारीजानी की मौत से भड़का ईरान; US और इजरायल को दी खुली चेतावनी

इजरायली हमले में अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है. विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान का संघर्ष थमेगा नहीं और हॉर्मुज जलमार्ग की स्थिति अब हमेशा के लिए बदल गई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने शत्रुओं के सामने किसी भी कीमत पर नहीं झुकने वाला है. इजरायली हमले में वरिष्ठ नेता अली लारीजानी की शहादत के बाद विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि देश की राजनीतिक व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है. उन्होंने वाशिंगटन को क्षेत्र में हो रही तबाही का जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजे की मांग की है.

ईरानी अधिकारियों के अनुसार अली लारीजानी की मौत तेहरान के पास इजरायली हमले में हुई. वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और देश के एक बेहद कद्दावर राजनेता थे. विदेश मंत्री अराघची ने जोर देकर कहा कि इस बड़े नुकसान के बावजूद ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेगा. उनका मानना है कि इस व्यक्तिगत क्षति से देश के राजनीतिक और आर्थिक ढांचे पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

पूर्व सर्वोच्च नेता का उदाहरण 

अराघची ने अपने संबोधन में 28 फरवरी को शहीद हुए पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का विशेष जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद भी ईरान का शासन सुचारू रूप से चलता रहा, तो लारीजानी की कमी से काम नहीं रुकेगा. यह संदेश ईरान की सामूहिक इच्छाशक्ति को मजबूती से दर्शाता है. उनके अनुसार शहादत से देश का सिस्टम और अधिक शक्तिशाली होकर उभरता है.

परमाणु हथियारों पर ईरान का रुख 

परमाणु हथियारों के मुद्दे पर अराघची ने कहा कि ईरान का पुराना और घोषित रुख स्थिर रहेगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अभी इस पर अपनी आधिकारिक राय जाहिर नहीं की है. इससे पहले अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों के खिलाफ धार्मिक फतवा दिया था. अराघची ने कहा कि क्षेत्र में हुए आर्थिक नुकसान की पूरी जिम्मेदारी वाशिंगटन की है जिसे उसे स्वीकार करना होगा.

हॉर्मुज जलमार्ग की नई स्थिति 

हॉर्मुज जलमार्ग को लेकर ईरान अब पहले से अधिक सख्त नजर आ रहा है. अराघची ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद इसके लिए नए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की जरूरत होगी. ईरान ने फिलहाल इस मार्ग से तेल की सप्लाई पूरी तरह रोक दी है. संसद अध्यक्ष के अनुसार हॉर्मुज में अब पुरानी स्थितियां कभी नहीं लौटेंगी. अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नौसैनिक गठबंधन को ईरान ने एक सीधी और बड़ी चुनौती पेश की है.

युद्ध समाप्ति के लिए मुआवजे की शर्त 

युद्ध समाप्ति की संभावनाओं पर अराघची ने कहा कि यह मुआवजे के बिना संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित समुद्री मार्ग के लिए ईरानी हितों का सम्मान करना सबसे जरूरी शर्त है. बिना आर्थिक मुआवजे और सम्मान के शांति की कोई भी उम्मीद बेमानी है.