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ईरान के विरोध-प्रदर्शन में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत, देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक की घोषणा

ईरान में चल रहा विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक रूप लेता जा रहा है. मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक इसकी वजह से 500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जिनके लिए राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है.

ANI
Shanu Sharma

नई दिल्ली: ईरान में तनाव बढ़ता जा रहा है. हालांकि देश में इंटरनेट बंद होने की वजह से कई सारी जानकारी सामने नहीं आ पा रही है. इसी बीच एक एक्टिविस्ट्स ने रविवार को देश में चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बारे में बताया है. जिसके मुताबिक अब तक 500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 

तेहरान ने विरोध-प्रदर्शन में मारे गए उन लोगों के लिए तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की. साथ ही उन्हें शहीद का भी दर्जा दिया गया है. साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का इस्तेमाल करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल वैध लक्ष्य होंगे.

क्या है ईरान के अंदर का हाल?

अमेरिकी-आधारित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि दो हफ्ते से चल रहे इस विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. एएफपी ने बताया कि मारे गए लोगों में से 490 प्रदर्शनकारी थे और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य थे. वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर संभावित प्रतिक्रियाओं के बारे में ब्रीफिंग लेने वाले हैं.

रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ प्रशासन अधिकारियों के साथ बैठक में कई विकल्पों की जांच की जाएगी. जिसमें ऑनलाइन सरकार विरोधी सामग्री को बढ़ाना, ईरानी सैन्य और नागरिक लक्ष्यों के खिलाफ साइबर ऑपरेशन शुरू करना, नए प्रतिबंध लगाना और सैन्य हमलों पर विचार करना शामिल है. हालांकि आगे क्या होगा इस बात की जानकारी अभी किसी को नहीं है. 

ईरान के राष्ट्रपति का संदेश 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन का कहना है कि शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए लेकिन दंगाइयों के खिलाफ सख्त एक्शन लिए जाएंगे. इतना ही नहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने लोगों से सोमवार को देशव्यापी रैलियों में राष्ट्रीय प्रतिरोध मार्च में शामिल होने का आह्वान किया ताकि हिंसा की निंदा की जा सके. ईरान में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरान की मुद्रा के पतन को लेकर शुरू हुआ था. जो की अब काफी बढ़ चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस विरोध-प्रदर्शन का पूरा समर्थन कर रहे है. देश के अंदर चल रहे इस पुथल-पुथल पर अमेरिका के साथ-साथ इजरायल और कतर की भी नजर है. देश में चल रहा विरोध-प्रदर्शन अगर शांत नहीं होता है तो आने वाले समय में कभी ईरान में बड़ा बदलाव संभव है.