'फांसी की कोई योजना नहीं है', ट्रंप का दावा- ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रूकीं

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और फांसी की सजाएं रोक दी गई हैं, हालांकि ईरानी न्यायपालिका के संकेत हालात को लेकर अनिश्चितता बनाए हुए हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर जारी सख्त कार्रवाई के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने कहा है कि उन्हें भरोसेमंद सूत्रों से जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और प्रस्तावित फांसी की सजाएं फिलहाल रोक दी गई हैं. हालांकि, ईरान की न्यायिक व्यवस्था और प्रशासन की ओर से आ रहे संकेत अब भी विरोधाभासी हैं.

ट्रंप का दावा: हत्याएं और फांसी रुकीं

वॉशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें 'दूसरी तरफ के बेहद महत्वपूर्ण सूत्रों' से जानकारी मिली है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हत्याएं और फांसी की कार्रवाई रोक दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में जिस संभावित फांसी को लेकर चर्चा थी, वह अब नहीं होने जा रही है. हालांकि ट्रंप ने अपने सूत्रों का खुलासा नहीं किया.

एरफान सोल्तानी का मामला

ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई जब 26 वर्षीय ईरानी प्रदर्शनकारी एरफान सोल्तानी के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई थी. सोल्तानी को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही दिनों बाद फांसी की आशंका जताई जा रही थी. इसी बीच नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगॉ ने बताया कि सोल्तानी की फांसी फिलहाल टाल दी गई है, जिससे ट्रंप के दावे को कुछ हद तक बल मिला.

ईरान का आधिकारिक खंडन

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में साफ कहा कि विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में फांसी देने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सजा 'पूरी तरह असंभव' है. हालांकि, ईरान में फांसी ऐतिहासिक रूप से सजा का एक तरीका रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में संदेह बना हुआ है.

न्यायपालिका के सख्त संकेत

विदेश मंत्री के बयान के विपरीत, ईरान की न्यायपालिका ने कड़ा रुख दिखाया है. न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी-एजेई ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए. उनके अनुसार, अगर फैसले में देरी हुई तो उसका प्रभाव कम हो जाएगा. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि अब तक 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

बढ़ता मृतक आंकड़ा और अमेरिकी रुख

ईरान में जारी प्रदर्शनों के दौरान मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 2,600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य आकलन इसे 3,000 से ऊपर बताते हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ईरानी अधिकारियों से सभी बैठकें रद्द करने की घोषणा की है और कहा है कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.