नई दिल्ली: प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. सब्जी, दाल, सलाद और कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली प्याज के दाम बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि एशिया की सबसे बड़ी प्याज की थोक मंडी कहां है और वहां प्याज के क्या भाव चल रहे हैं.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव प्याज मंडी देश की प्रमुख प्याज थोक मंडियों में शामिल है. इसे एशिया की सबसे बड़ी प्याज थोक मंडियों में से एक माना जाता है. यहां महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचता है और देश के अलग अलग हिस्सों के लिए इसकी सप्लाई होती है.
लासलगांव मंडी में प्याज की कीमत उसकी क्वालिटी, आकार, किस्म और आवक के हिसाब से बदलती रहती है. इसलिए मंडी में एक ही दिन अलग अलग गुणवत्ता की प्याज के भाव में अंतर देखने को मिल सकता है.
अगस्त 2026 में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लासलगांव मंडी में प्याज के थोक भाव करीब 40 से 42 रुपये प्रति किलो के आसपास बताए जा रहे हैं. यानी एक क्विंटल प्याज का थोक भाव लगभग 4000 से 4251 रुपये तक बताया गया है. हालांकि वास्तविक भाव रोज की आवक और प्याज की गुणवत्ता के आधार पर बदल सकता है.
थोक मंडी और खुदरा बाजार की कीमतों में भी अंतर होता है. मंडी से निकलने के बाद परिवहन, भंडारण, व्यापारी मार्जिन और अन्य खर्च जुड़ने के कारण ग्राहकों को प्याज ज्यादा कीमत पर मिल सकती है. कई जगह खुदरा कीमत 55 से 60 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंचने की बात सामने आई है.
प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. देश के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है. बारिश के कारण खेतों से मंडियों तक प्याज की आवक प्रभावित हुई है. आवक कम होने पर बाजार में उपलब्ध प्याज की मात्रा घट जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है.
इसके अलावा त्योहारों के दौरान प्याज की मांग बढ़ने और कुछ क्षेत्रों में स्टॉक कम होने से भी कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. अगर मंडियों में आवक कम और मांग ज्यादा रहती है, तो थोक और खुदरा दोनों बाजारों में प्याज महंगी हो सकती है.
आने वाले दिनों में प्याज की नई फसल की आवक, मौसम की स्थिति और बाजार में उपलब्ध स्टॉक कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. इसलिए ग्राहकों को रोजाना बदल रहे भाव पर नजर रखनी होगी.