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India Daily

'हम 6 महीने तक...', अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने किया ऐसा दावा, दुनिया के लिए बजी खतरे की घंटी

ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिका को लगा था कि हमले करके वह ईरान पर जल्दी नियंत्रण हासिल कर लेगा, लेकिन अब हालात उसके लिए आसान नहीं रहे हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'हम 6 महीने तक...', अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने किया ऐसा दावा, दुनिया के लिए बजी खतरे की घंटी
Courtesy: @RadioItaliaIRIB

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने बड़ा बयान दिया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा है कि उनकी सेना अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लंबे समय तक लड़ने की क्षमता रखती है. संगठन के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने दावा किया कि ईरान जरूरत पड़ने पर करीब छह महीने तक युद्ध जारी रख सकता है.

यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई जगहों पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं. नैनी ने कहा कि अभी तक ईरान ने पहली और दूसरी पीढ़ी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, लेकिन यदि हालात और बिगड़े तो लंबी दूरी की उन्नत मिसाइलें भी इस्तेमाल की जा सकती हैं.

हम पर काबू पाना आसान नहीं

ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने भी अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान में अस्थिरता पैदा करना चाहता है. उनका कहना है कि अमेरिका को लगा था कि हमले करके वह जल्दी नियंत्रण हासिल कर लेगा, लेकिन अब हालात उसके लिए आसान नहीं रहे हैं.

पड़ोसियों को दी चेतावनी

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई देश दुश्मन के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कदम उठाता है, तो उसे भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी कहा कि अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा.

इस बीच खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने हमलों की जानकारी दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब ने कई ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया है. वहीं कतर पर क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई है. कुवैत ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ईंधन टैंकों पर हमले की जानकारी दी है.

अमेरिका ने किया तेहरान के बड़े तेल भंडार पर हमला

तेहरान ने आरोप लगाया कि उसकी राजधानी में स्थित एक बड़े तेल भंडार पर हमला अमेरिका और इजरायल ने किया है. वहीं इजरायली सेना ने स्वीकार किया कि उसने तेहरान में कुछ ईंधन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था.

दूसरी ओर ईरान के अंदर हालात गंभीर होते जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया हमलों में सैकड़ों नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं. हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह संघर्ष जल्दी खत्म होता नजर नहीं आ रहा. यदि तनाव कम नहीं हुआ तो यह टकराव आने वाले हफ्तों या महीनों तक जारी रह सकता है.