US Israel Iran War

ईरान ने अमेजॉन के डेटा सेंटर पर किया ड्रोन अटैक, मेटा और गूगल समेत 18 कंपनियां रडार पर

ईरान ने बहरीन में अमेजॉन के डेटा सेंटर के पास ड्रोन हमला किया है. इस कार्रवाई के बाद 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है, जिस पर ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी घमासान के बीच ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है. बहरीन में अमेजॉन के डेटा सेंटर के पास हुए ड्रोन स्ट्राइक ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर सख्त चेतावनी जारी की है. 

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने बहरीन स्थित अमेजॉन के डेटा सेंटर के पास ड्रोन हमले किए हैं. हालांकि, यह डेटा सेंटर सीधे तौर पर निशाने पर नहीं था, लेकिन पास हुए धमाकों और ड्रोन स्ट्राइक के कारण इसके ऑपरेशन्स पर गहरा असर पड़ा है. इस घटना ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच सुरक्षा को लेकर एक गंभीर डर पैदा कर दिया है.

18 अमेरिकी टेक कंपनियों को चेतावनी 

ईरान ने केवल हमले तक ही सीमित न रहकर भविष्य के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है. रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने साफ तौर पर संकेत दिया है कि वह मेटा, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के डेटाबेस पर हमला कर सकता है. तेहरान ने कुल 18 अमेरिकी टेक कंपनियों की सूची तैयार की है. ईरान का मानना है कि ये कंपनियां उनके खिलाफ डिजिटल युद्ध में शामिल हैं, इसलिए अब इन्हें निशाना बनाया जाना चाहिए.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर मंडराता खतरा 

ईरानी शासन ने घोषणा की है कि वे उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो मिडिल ईस्ट में डेटा, क्लाउड या अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन करती हैं. ईरान का यह कदम वैश्विक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है. यदि डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं को नुकसान पहुंचता है, तो इसका असर केवल अमेरिका पर ही नहीं, बल्कि उन सभी देशों पर होगा जो इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं. यह डिजिटल युद्ध का एक नया मोर्चा है.

राष्ट्रपति ट्रंप की सख्त जवाबी चेतावनी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इन इरादों पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि अमेरिकी हितों और कंपनियों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ट्रंप ने इसे सीधे तौर पर अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो अमेरिका इसका जवाब सैन्य शक्ति और आर्थिक प्रतिबंधों, दोनों माध्यमों से पूरी तरह से और कड़ाई से देगा.