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'ईरान में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबरें झूठी...', ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने छात्रों की सुरक्षा पर बताया

ईरान ने भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरों को झूठा बताया है. भारतीय मेडिकल संगठनों ने भी छात्रों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है. इस विरोध प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर फैली खबरों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि केवल भरोसेमंद और सत्यापित स्रोतों से ही जानकारी लें.

राजदूत का यह बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली में ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. सोशल मीडिया पर कुछ विदेशी अकाउंट्स से दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और छह भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है. इन दावों के सामने आने के बाद भारत में छात्रों के परिवारों में बेचैनी फैल गई.

राजदूत मोहम्मद फथाली ने क्या कहा?

राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की स्थिति को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी कोई भी खबर सच नहीं है.

प्रमुख मेडिकल संस्थाओं ने क्या दी जानकारी?

इसी बीच भारत की दो प्रमुख मेडिकल संस्थाओं ने भी ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर राहत भरी जानकारी दी है. ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी किया. दोनों संगठनों ने कहा कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय छात्र सुरक्षित हैं.

AIMSA और FAIMA के उपाध्यक्ष ने क्या बताया?

AIMSA और FAIMA के उपाध्यक्ष डॉ मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि उन्हें ईरान के विभिन्न हिस्सों से छात्रों के संदेश मिले हैं. इन संदेशों में छात्रों ने खुद को सुरक्षित बताया है. डॉ खान के अनुसार भारतीय दूतावास और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. छात्रों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?

ईरान में पिछले 15 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है. इस बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो अमेरिकी और इजरायली ठिकाने वैध लक्ष्य होंगे.