ईरान के ताबड़तोड़ हमले! UAE के फुजैराह तेल टर्मिनल पर मचाई तबाही, कुवैत एयरपोर्ट पर भी दागीं मिसाइलें

ईरान ने यूएई के फुजैराह तेल टर्मिनल और कुवैत एयरपोर्ट पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए. हमलों के बाद तेल टर्मिनल का काम ठप हो गया और खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी युद्ध लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के 16वें दिन ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में बड़े हमले किए. यूएई के फुजैराह तेल टर्मिनल को निशाना बनाते हुए कई मिसाइल और ड्रोन दागे गए, जिसके बाद वहां काम ठप हो गया. इसी दौरान कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.

फुजैराह तेल टर्मिनल बना निशाना

ईरान के हमलों का सबसे बड़ा असर यूएई के फुजैराह तेल टर्मिनल पर देखने को मिला. इस हमले के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर आग और धुएं के गुबार दिखाई दिए. अधिकारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की. हमले के कारण तेल टर्मिनल का काम पूरी तरह रुक गया. इस घटना में जॉर्डन के एक नागरिक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

कुवैत एयरपोर्ट पर भी हमला

ईरान ने यूएई के साथ-साथ कुवैत को भी निशाना बनाया. जानकारी के अनुसार कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दिशा में मिसाइलें दागी गईं. हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है. सुरक्षा बलों ने कई मिसाइल और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों के कारण हवाई और समुद्री यातायात को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है.

ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला

रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अब तक यूएई की दिशा में बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं. इनमें सैकड़ों ड्रोन और कई बैलिस्टिक तथा क्रूज मिसाइलें शामिल बताई जा रही हैं. इन हमलों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. यूएई प्रशासन ने सोशल मीडिया पर हमलों के वीडियो साझा करने के आरोप में कई विदेशियों को हिरासत में भी लिया है.

खर्ग द्वीप हमले के बाद बढ़ा तनाव

तनाव की पृष्ठभूमि में अमेरिका द्वारा ईरान के खर्ग द्वीप पर किया गया हमला भी शामिल है. यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. रिपोर्ट के अनुसार यहां देश के अधिकांश तेल की प्रोसेसिंग होती है. अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव इसी तरह जारी रहा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर रूप से पड़ सकता है.