मध्य पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं और ईरान एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है. देश के भीतर बढ़ती महंगाई बेरोजगारी और राजनीतिक असंतोष ने आम लोगों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है. इन विरोध प्रदर्शनों को ईरान की सत्ता विदेशी साजिश बता रही है. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने सीधे तौर पर अमेरिका पर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ईरान में फैल रही अशांति के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका है. दूसरी ओर अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान की सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन और दमन का आरोप लगा रहे हैं.
इस टकराव ने Iran और United States के रिश्तों को और खराब कर दिया है. सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल यह सीधा युद्ध नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव और शक्ति प्रदर्शन की लड़ाई है.