दोहा में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अलग-अलग दौर की बातचीत हुई. कतर ने 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर सकारात्मक प्रगति का दावा किया है, जबकि ईरान ने अमेरिका पर पुराने वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया.
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें आयोजित की गईं. कतर के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि इन वार्ताओं में 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है. सभी पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है और अगली बैठक जल्द आयोजित किए जाने की संभावना है.
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि यह बातचीत 'लेक ल्यूसर्न समिट' में हुई सहमतियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई. उनके अनुसार, कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग मुलाकात कर कई लंबित मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि सभी पक्षों ने संवाद की प्रक्रिया जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है. अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के बाद जल्द आयोजित की जाएगी.
दोहा में हुई वार्ता के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की. ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका द्वारा पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि बैठक में लेबनान से जुड़े पुराने आश्वासनों के पालन न होने पर भी चिंता व्यक्त की गई. ईरान का मानना है कि आपसी विश्वास बहाल करने के लिए पहले से किए गए वादों को पूरा करना आवश्यक है.
वार्ता के दौरान ईरान के लगभग छह अरब डॉलर के फ्रीज किए गए फंड के एक हिस्से के उपयोग पर भी चर्चा हुई. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, कतरी पक्ष के साथ इस बात पर सहमति बनी कि आवश्यक मानवीय जरूरतों के अनुरूप इस राशि का उपयोग किया जाएगा. इन संसाधनों से जरूरी वस्तुओं की खरीद कर उन्हें ईरान तक पहुंचाने की योजना पर विचार किया गया.
विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर बनी सहमति दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान और इराक के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा. इसी कार्यक्रम के बाद वार्ता का अगला दौर प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि अंतिम संस्कार के बाद कूटनीतिक प्रक्रिया को दोबारा गति मिलेगी.