इंस्टाग्राम पर इंस्टैंट तलाक! सोशल मीडिया पर दुबई की राजकुमारी ने पति को दिया तलाक तो मचा बवाल

Dubai Princess Instant Talaq on Instagram: दुबई की राजकुमारी शेखा महरा मोहम्मद राशिद अल मक्तूम द्वारा अपने पति शेख माना बिन मोहम्मद बिन राशिद बिन माना अल मक्तूम को इंस्टाग्राम पर तलाक देने की घटना ने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है. इस अभूतपूर्व घटना ने सोशल मीडिया के माध्यम से तलाक की घोषणा करने के नए युग की शुरुआत कर दी है. एक इंस्टाग्राम पोस्ट में, दुबई की राजकुमारी शेखा माहरा मोहम्मद रशीद अल मकतूम ने अपने पति शेख माना बिन मोहम्मद बिन राशिद बिन माना अल मकतूम से तलाक की घोषणा की.

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Dubai Princess Instant Talaq on Instagram: दुबई की राजकुमारी शेखा महरा मोहम्मद राशिद अल मक्तूम ने अपने पति शेख माना बिन मोहम्मद बिन राशिद बिन माना अल मक्तूम को इंस्टाग्राम पर तलाक दे दिया. दोनों ने इस साल मई में शादी की थी और उनका एक बच्चा भी था.

राजकुमारी ने पोस्ट के जरिए दिया तलाक

राजकुमारी ने 16 जुलाई को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अपने पति पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए तलाक की घोषणा की. पोस्ट में लिखा था, "प्रिय पति, आप दूसरे साथियों में व्यस्त हैं, इसलिए मैं आपको तलाक देती हूं. मैं आपको तलाक देती हूं, मैं आपको तलाक देती हूं, और मैं आपको तलाक देती हूं. ध्यान रखें. आपकी पूर्व पत्नी."

क्या महिलाएं ले सकती हैं ऐसे तलाक

इस्लामिक कानून में इस तरह तलाक को 'तलाक-ए-बिद्दत' कहा जाता है, जिसमें पति एक ही बैठक में तीन बार 'तलाक' कहकर तुरंत विवाह को भंग कर देता है.

पारंपरिक रूप से, इस्लामिक कानून की कई व्याख्याओं में केवल पुरुष ही तलाक का उच्चारण कर सकते थे. दूसरी ओर, महिलाओं के पास 'खुला' नामक एक अलग प्रक्रिया के माध्यम से तलाक लेने का विकल्प होता है, जिसमें वह अपने पति या अदालत से तलाक का अनुरोध करती है. कुछ जगहों पर महिलाएं अपने निकाहनामा में एक क्लॉज भी शामिल कर सकती हैं, जो उन्हें तलाक का उच्चारण करने का अधिकार देती है.

सोशल मीडिया पर आई रिएक्शन्स की भरमार

राजकुमारी के पोस्ट पर कमेंट सेक्शन में शुभचिंतकों के चिंताजनक संदेशों से भर गया. इंटरनेट के कई सेक्शन ने यह भी देखा कि उनके अकाउंट पर अब उनके पति की तस्वीरें नहीं हैं. वास्तव में, दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो भी कर दिया है.

शेखा महरा मोहम्मद राशिद अल मक्तूम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम की बेटी हैं, जो वर्तमान में दुबई के शासक हैं और उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य करते हैं.

कई पेचीदा मुद्दों को उठाता है ये मामला

इस मामले ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया है. पहला, यह इस्लामिक कानून में तलाक के विषय पर चर्चा को पुनर्जीवित कर दिया है. 'तलाक-ए-बिद्दत' की प्रथा, जहां पति एक ही बैठक में तीन बार तलाक कहकर विवाह को तत्काल समाप्त कर देता है, इस्लामी कानून के भीतर बहस का विषय रही है. यह घटना इस पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है कि क्या इस तरह के तलाक की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं.

दूसरा, यह महिलाओं के अधिकारों और समानता के मुद्दे को सामने लाती है. हालांकि इस्लामिक कानून में महिलाओं के पास तलाक लेने के विकल्प होते हैं, लेकिन वे पुरुषों की तुलना में अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होते हैं. राजकुमारी के मामले में, उन्होंने इस प्रथा को चुनौती दी और अपने अधिकारों का प्रयोग किया, हालांकि इस तरह के सार्वजनिक मंच का उपयोग करने के सामाजिक और कानूनी निहितार्थ हो सकते हैं.

राजशाही के जीवन में भी है चुनौतियां

तीसरा, यह सोशल मीडिया के प्रभाव और इसकी बढ़ती भूमिका को उजागर करता है. इंस्टाग्राम जैसी प्लेटफॉर्म अब न केवल व्यक्तिगत जीवन के साझाकरण के लिए उपयोग किए जाते हैं, बल्कि महत्वपूर्ण जीवन निर्णयों की घोषणा के लिए भी. यह सोशल मीडिया के दुरुपयोग और इसके संभावित नकारात्मक परिणामों के बारे में भी प्रश्न उठाता है.

चौथा, यह रॉयल्टी और उच्च समाज के जीवन में झलक प्रदान करता है, जो आमतौर पर जनता के लिए अप्राप्य होता है. यह दिखाता है कि यहां भी व्यक्तिगत चुनौतियां और संघर्ष होते हैं, जो आम लोगों के जीवन से अलग नहीं होते हैं.

अंत में, इस घटना ने दुनिया भर में व्यापक चर्चा और बहस को जन्म दिया है. यह एक जटिल मुद्दा है जिसमें कानूनी, सामाजिक, धार्मिक और व्यक्तिगत पहलू शामिल हैं. यह हमें इस बात पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है कि कैसे हम तलाक जैसे मुद्दों को संभालते हैं और कैसे हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां सभी व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान किया जाता है.