अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलेंगे भारत के जहाज! विदेश मंत्री ने ईरान से बात कर निकाला समस्या का हल
मिडिल ईसट में युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री जयशंकर की ईरान से तीन बार बात हुई. इस वार्ता में जहाजों की सुरक्षा पर भी हुई चर्चा...
मिडिल ईस्ट में लगातार हो रहा युद्ध लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बनकर उभर रहा हैं. भारत में गैस के संकट के कारण करोड़ों लोग सड़कों पर आने को मजबूर हो गए हैं. इस संकट की घड़ी में विदेश मंत्रालया ने एक जरूरी प्रेस वार्ता की है. इस प्रेस वार्ता कई ऐसे खुलासे हुए, जो चौंकाने वाले है. प्रवक्ता रणधीर जयसवाल के मुताबिक, विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के समकक्ष से तीन बार बातचीत की है. इस वार्ता में ऊर्जा से लेकर शिपिंग तक को लेकर चर्चा की गई. साथ ही ईरान में लगभग 9 हजार भारतियों को सुरक्षित शिफ्ट किया जा रहा है.
भारत सहित कई देशों पर ऊर्जा संकट
मिडिल ईस्ट में तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है. भारत के साथ विश्वभर में कई देश इस युद्ध से प्रभावित हो रहे हैं. वहीं ईरान की ओर से इजरायल और खाड़ी के देशों पर लगातार हमलों का सिलसिला जारी है. होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते में ईरान के लगातार हमलों के बीच तेल लाना मानों एक खुफिया मिशन से कम नहीं है. इसकी वजह से भारत सहित कई देशों में ऊर्जा संकट मंडरा रहा है.
रणधीर जयसवाल का बयान
प्रेस वार्ता में रणधीर जयसवाल ने बताया जब से यह संकट शुरू हुआ है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच तीन बार बातचीत हो चुकी है. दोनों के बीच पिछली बातचीत एनर्जी और शिपिंग के बारे में थी. हालांकि, जायसवाल ने कहा कि अभी और जानकारी शेयर करना जल्दबाजर होगी.
24 फरवरी को एडवाइजरी जारी
स्पोक्सपर्सन जायसवाल ने कहा कि अभी लगभग 9,000 भारतीय ईरान में हैं और उन्हें निकाला जा रहा है. इनमें स्टूडेंट, बिजनेसमैन, नाविक और तीर्थयात्री शामिल हैं. भारत सरकार ने 24 फरवरी को एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसके बाद कई भारतीय पहले ही लौट चुके हैं.
भारतीय समुदाय के संपर्क में एम्बेसी
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, भारत ने कई भारतीयों, खासकर स्टूडेंट को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. एम्बेसी लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में है और जो लोग ईरान से भारत लौटना चाहते हैं, उनकी वापसी का इंतजाम कर रही है.