कनाडा में कार पर पेशाब करने वाले अजनबी से भिड़े भारतीय मूल के व्यापारी, हमले में हुई मौत

55 वर्षीय आरवी सिंह सागू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डिनर के बाद कार की तरफ लौट रहे थे, तभी उन्होंने एक अजनबी को कार पर पेशाब करते देखा. इसके बाद, स्थिति हिंसक हो गई.

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Gyanendra Sharma

नई दिल्ली:  कनाडा के एडमॉन्टन शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने भारतीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है. 55 वर्षीय भारतीय मूल के कनाडाई व्यापारी अर्वी सिंह सागू को एक अजनबी ने उनकी कार पर पेशाब करते पकड़े जाने पर क्रूरता से हमला कर दिया. यह घटना 19 अक्टूबर को हुई, जिसमें सागू को गंभीर चोटें आईं और पांच दिनों बाद 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई. 

एडमॉन्टन पुलिस ने इस मामले में 40 वर्षीय आरोपी काइल पापिन को गिरफ्तार कर लिया है और उसे गंभीर आघात का आरोप लगाया गया है. 55 वर्षीय आरवी सिंह सागू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डिनर के बाद कार की तरफ लौट रहे थे, तभी उन्होंने एक अजनबी को कार पर पेशाब करते देखा. इसके बाद, स्थिति हिंसक हो गई. सागू ने तुरंत आरोपी से पूछा, "तुम क्या कर रहे हो?" लेकिन बदले में आरोपी ने अभद्र जवाब दिया, "जो मन करे वही करूंगा," और फिर अचानक सागू के सिर पर मुक्का जमा दिया.

हमले में घायल हुए थे सागू

इस प्रहार से सागू जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए. उनकी गर्लफ्रेंड ने फौरन 911 पर कॉल की. मौके पर पहुंची एम्बुलेंस टीम ने उन्हें अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा. लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण सागू जिंदगी की जंग हार गए. पुलिस के अनुसार, पीड़ित और आरोपी के बीच कोई पुराना परिचय नहीं था, और यह पूरी तरह असंयमित हमला था.

अर्वी सिंह सागू एक सफल व्यवसायी थे, जो कनाडा में बसे भारतीय समुदाय का अभिन्न हिस्सा थे. उनके भाई ने मीडिया को बताया कि अर्वी एक दयालु और देखभाल करने वाले इंसान थे, जो अपने दो बच्चों के लिए हमेशा चिंतित रहते थे. उनकी अचानक मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है. उनके करीबी दोस्त विंसेंट राम ने बच्चों की मदद के लिए ऑनलाइन फंडरेजर शुरू किया है, जिसमें अंतिम संस्कार और दैनिक खर्चों के लिए सहायता मांगी गई है.

सागू के करीबी मित्र विन्सेंट राम ने अपने बच्चों की सहायता करने तथा अंतिम संस्कार और जीवन-यापन के खर्च को पूरा करने के लिए धन जुटाने का अभियान शुरू किया. संदेश में लिखा है, "इस धन संग्रह का उद्देश्य एक बहुत दयालु और प्यारे पिता की सहायता करना है, जो मृत्यु का सामना कर रहा है और यह सुनिश्चित करना है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में उसके दोनों बच्चों को आवश्यक संसाधन और सहायता मिले."