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अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के बीच हार-जीत का खेल, 60 Km की दूरी पर युद्धाभ्यास, इंडियन नेवी के आगे घुटने टेकेगी पाक नौसेना

भारत और पाकिस्तान ने अरब सागर के विभिन्न क्षेत्रों में नौसैनिक फायरिंग अभ्यास के लिए एक साथ अधिसूचनाएं जारी की हैं. दोनों देशों के अभ्यास की समय-सारिणी आंशिक रूप से एक-दूसरे से मेल खा रही है, जिससे यह अभ्यास रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

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Gyanendra Tiwari

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अब दोनों देशों की नौसेनाएं भी आमने-सामने आ गई हैं. अरब सागर में दोनों देशों ने एक-दूसरे से महज 60 किलोमीटर की दूरी पर समानांतर नौसैनिक अभ्यास शुरू किया है. भारतीय नौसेना ने यह अभ्यास 8 मई से शुरू किया है, जो 13 मई तक जारी रहेगा. वहीं, पाकिस्तानी नौसेना ने 9 मई से अपना अभ्यास शुरू किया है, जो 12 मई तक चलेगा.

इस अभ्यास के दौरान 9 से 12 मई तक दोनों देशों की नौसेनाएं केवल 60 किलोमीटर के फासले पर अपनी सैन्य गतिविधियों को अंजाम देंगी. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नज़दीकी में कोई भी गलतफहमी या टकराव गंभीर परिणाम ला सकता है, खासकर जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव अपने चरम पर है.

हवाई हमलों के बाद समुद्री मोर्चे पर तैयारी

इन नौसैनिक अभ्यासों से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार हवाई हमले और सीमा पार झड़पें हो चुकी हैं. पाकिस्तान द्वारा दागे गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक नष्ट किया. जवाबी कार्रवाई में भारत ने कई पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया. इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के एक महत्वपूर्ण निगरानी विमान AWACS को भी गिरा दिया, जिससे उसकी हवाई निगरानी क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है.

नियंत्रण रेखा पर भी जारी है गोलीबारी

सीमा पर नियंत्रण रेखा (LoC) और अन्य क्षेत्रों में भी लगातार गोलीबारी हो रही है. भारत का कहना है कि उसकी कार्रवाइयां केवल आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाती हैं और किसी भी तरह की बढ़ोतरी से बचने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्षविराम उल्लंघन से हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं.

हवा और समुद्र दोनों मोर्चों पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम की अपील की है. अमेरिका ने विशेष रूप से दोनों देशों से बातचीत के माध्यम से हालात सामान्य करने और किसी भी तरह की बढ़ोतरी से बचने को कहा है.