India At UN: भारत ने UN में खोला आतंक का काला चिट्ठा, बताया कैसे पाकिस्तान की साजिशों में अब तक 20,000 भारतीयों की जान गई
India At UN: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अटैचों को निष्कासित कर दिया और सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया, जबकि पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की.
India At UN: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव और बढ़ गया है. इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया. भारत ने इस निर्णय के पीछे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जिम्मेदार बताया है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने पाकिस्तान के 'पानी जीवन है, हथियार नहीं' वाले बयान पर करारा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह संधि इसलिए निलंबित की गई क्योंकि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है.
भारत ने निभाई जिम्मेदारी, पाकिस्तान ने तोड़ा भरोसा
हरीश ने चार बिंदुओं के जरिए पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया. उन्होंने कहा, 'भारत ने सद्भावना के साथ यह संधि 65 साल पहले की थी, लेकिन पाकिस्तान ने तीन युद्धों और हजारों आतंकी हमलों के जरिए इसकी आत्मा को रौंद दिया.' उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में 20,000 भारतीय नागरिक आतंकवाद के शिकार हुए हैं.
बदले हालात, बदली जरूरतें
दूसरे बिंदु में उन्होंने कहा कि बीते दशकों में सुरक्षा, ऊर्जा, जलवायु और जनसंख्या के लिहाज से हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. भारत ने जल परियोजनाओं को आधुनिक तकनीक से बेहतर बनाने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा उसमें अड़ंगे लगाए.
संवाद की कोशिशें नाकाम
तीसरे बिंदु में भारत ने बताया कि उसने कई बार संधि में संशोधन पर बातचीत की पेशकश की, जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया. इससे भारत को अपने वैध जल अधिकारों के इस्तेमाल में रुकावटों का सामना करना पड़ा. चौथे बिंदु में उन्होंने साफ किया, 'जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक संधि निलंबित रहेगी.'
ऑपरेशन 'सिंदूर' से दिया करारा जवाब
पहलागाम हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की भूमिका सामने आने के बाद भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पीओके और पाकिस्तान में स्थित आतंकी शिविरों पर कार्रवाई की. इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसे भारत ने नाकाम किया. इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरफील्ड्स को निशाना बनाया. अंततः 10 मई को युद्धविराम की घोषणा की गई.
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