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IMEC:भारत के मिडिल ईस्ट कॉरिडोर से डरा पाक! अचानक मददगार एर्दोगान से मिलने पहुंच गए पाकिस्तानी सेना प्रमुख

Pakistan On Imec: पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने दोनों देशों के बीच संबंंधों को और मजबूती देने के लिए तुर्किये की यात्रा की है. उन्होंने इस दौरान राष्ट्रपति एर्दोगान और तीनों सेना प्रमुखों से मुलाकात की है.

Shubhank Agnihotri

 

Pakistan On Imec: भारत के अमेरिका, सऊदी अरब, और यूएई के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट कॉरिडोर के ऐलान किए जाने के बाद पाकिस्तान सरकार की पूरे देश में आलोचना हो रही है. पाकिस्तान की जनता  और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार सऊदी प्रिंस के पाकिस्तान न आने को लेकर सरकार और उसकी नीतियों को जिम्मेदार मान रहे हैं. इस बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगान से मुलाकात की है. इसके बाद उन्होंने तुर्किये के तीनों सेना प्रमुखों से भी मुलाकात की है. आपको बता दें कि तुर्किये के राष्ट्रपति ने इस कॉरिडोर को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा था कि बगैर तुर्किये की मदद के इस कॉरिडोर का निर्माण संभव नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाक सेना प्रमुख का यह दौरा तुर्किये को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

 

रक्षा और प्रशिक्षण पर देना होगा जोर 


पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल मुनीर ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तुर्किये की सेना की तारीफ की. पाक सेना प्रमुख ने तुर्किये के साथ पाक के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है. पाक सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि जनलर मुनीर ने तुर्किये के प्रेसिडेंट, एक्सटर्नल मिनिस्टर, और डिफेंस मिनिस्टर से मुलाकात भी की. एर्दोगान के साथ मुलाकात में उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच रक्षा भागीदारी बढ़ाने और ट्रेनिंग को लेकर बल दिया है. मुनीर ने कहा कि तुर्किये ने पाकिस्तानी सेना के इंजीनियरों की तारीफ की है.

 

दोनों देश लंबे समय से हैं पारंपरिक सहयोगी


रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल मुनीर ने कहा कि पाक और तुर्किये के बीच बहुत लंबे समय से गहरी दोस्ती रही है. दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंध हैं. पाक, तुर्किये से टीबी-2 ड्रोन खरीद रहा है. इन ड्रोन्स ने आर्मेनिया में जमकर तबाही मचाई है. रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किये, पाकिस्तान, और अजरबैजान मिलकर पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट बनाने पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं. यह मुलाकात दोनों के बीच ऐसे समय में हुई है जब एर्दोगान हाल ही में भारत की जी 20 सम्मेलन से भाग लेकर लौटे हैं. उन्होंने हाल ही में भारत मिडिल ईस्ट कॉरिडोर पर हमला करते हुए कहा था कि यह बगैर तुर्किये की मदद के बिना संभव नहीं है.


प्रिंस के न आने से मुस्लिम जगत में हुई… 


जी 20 शिखर सम्मेलन जनरल मुनीर का तुर्किये का यह दौरा कई मायनों में काफी अहमियत रखता है. जी 20 शिखर सम्मेलन ने पाकिस्तान को कई झटके दिए. पाक दावा करता रहा है सऊदी अरब उसका मुस्लिम भाई है लेकिन सऊदी प्रिंस ने इस्लामाबाद की यात्रा करने से इंकार कर दिया. सऊदी अरब का यह इंकार पाकिस्तान की समूचे मुस्लिम जगत में किरकिरी का कारण बन गया. प्रिंस को पाकिस्तान बुलाने के लिए पाकिस्तान ने अपनी एड़ी-चोटी ताकत का जोर लगा दिया था, फिर भी वह उन्हें बुला न सका. इसके अलावा इस कॉरिडोर के ऐलान ने तुर्किये और पाकिस्तान की मुश्किलों को बढ़ाया ही है वैश्विक तौर पर मिल रहे इस कॉरिडोर को समर्थन ने भी दोंनो मुल्कों की नींद को उड़ा दिया है.

 

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