इजरायली सेना ने हमास के ठिकाने वाली हाईराइज बिल्डिंग को उड़ाया, वीडियो में देखें गाजा में कैसे मिटा दिया नामोनिशान
इज़राइली सेना (IDF) ने गाज़ा सिटी में एक ऊंची इमारत पर हमला करने की पुष्टि की है, जिसे हमास के ऑपरेशनल ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. सेना ने दावा किया कि यह इमारत हमलों की योजना बनाने और सुरंगों के ज़रिए आतंकियों को भागने का रास्ता देने में इस्तेमाल होती थी.
गाज़ा संघर्ष लगातार तेज हो रहा है और इसी बीच इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने गाजा सिटी की एक ऊंची इमारत पर हमला किया है. यह इमारत अल-मुश्तहा टावर बताई जा रही है, जिस पर तीन बार हमला किया गया. IDF का कहना है कि इस टावर का इस्तेमाल हमास अपने आतंकवादी ढांचे और भूमिगत ठिकानों के लिए करता था.
IDF ने बयान जारी कर कहा कि जिस ऊंची इमारत पर हमला किया गया, वह हमास के ऑपरेशनल नेटवर्क का अहम हिस्सा थी. इमारत के नीचे बनी भूमिगत संरचनाओं का इस्तेमाल हमास हमलों की योजना बनाने, इजराइली सैनिकों पर घात लगाकर वार करने और आतंकियों को भागने के लिए किया करता था. सेना का दावा है कि यह हमला आतंकवादियों की गतिविधियों को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया.
नागरिकों को पहले दी गई चेतावनी
इजराइली सेना ने यह भी कहा कि उसने इस हमले से पहले नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखा. इमारत के निवासियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी और उन्हें खाली करने को कहा गया. इसके अलावा सेना ने सटीक मुनिशन, हवाई निगरानी और अतिरिक्त खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर नुकसान को सीमित करने की कोशिश की. इसका उद्देश्य था कि निर्दोष लोग इस कार्रवाई की चपेट में न आएं.
गाजा में भय का माहौल
गाज़ा से मिली तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि हमले के बाद इलाके में धुएं का बड़ा गुबार उठता नजर आया. निवासियों ने बताया कि उन्हें अचानक इमारत छोड़ने के लिए कहा गया था और कुछ ही देर बाद हमला शुरू हो गया. स्थानीय मीडिया का कहना है कि इमारत पर लगातार तीन बार हमला किया गया. हमले के बाद लोगों में दहशत का माहौल फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे.
हताहतों की जानकारी अस्पष्ट
अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में किसी की मौत हुई है या नहीं. गाजा के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, इजराइली सेना का कहना है कि उनका मकसद केवल हमास की आतंकी गतिविधियों को खत्म करना है, नागरिकों को निशाना बनाना नहीं. इस हमले के बाद एक बार फिर गाजा में संघर्ष तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.