'मैंने अपनी पत्नी को मारा लेकिन हत्या नहीं की', ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के व्यक्ति ने कोर्ट में किया दावा
विक्रांत ठाकुर पिछले साल दिसंबर में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की हत्या के आरोप में 14 जनवरी को दूसरी बार अदालत में पेश हुए.
ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर की अदालत में एक भारतीय मूल के व्यक्ति ने अपनी पत्नी की मौत की जिम्मेदारी ली है, लेकिन उसने इसे हत्या मानने से इनकार किया है. 42 वर्षीय विक्रांत ठाकुर ने कोर्ट में कहा कि वह हत्या का दोषी नहीं है, बल्कि गैर इरादतन हत्या (मैनस्लॉटर) का दोष स्वीकार करने को तैयार है.
क्या है पूरा मामला
विक्रांत ठाकुर पर दिसंबर 2025 में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की हत्या का आरोप लगा था. सुप्रिया की उम्र 36 साल थी. मंगलवार को एडिलेड मैजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी के दौरान विक्रांत ने अपने वकील की सलाह पर कहा, “मैं मैनस्लॉटर का दोष स्वीकार करता हूं, लेकिन मर्डर का नहीं.”
कानून के मुताबिक, हत्या का मतलब होता है जानबूझकर किसी की जान लेना, जबकि गैर इरादतन हत्या में यह माना जाता है कि मौत जानबूझकर नहीं हुई.
घर में बेहोश मिली थी सुप्रिया
पुलिस को 21 दिसंबर को एडिलेड के उत्तरी इलाके में स्थित एक घर से कॉल आई थी. मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने सुप्रिया को बेहोशी की हालत में पाया. पुलिस ने तुरंत सीपीआर दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
जांच अभी जारी
इस मामले की पहली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी, तब विक्रांत ने जमानत के लिए कोई आवेदन नहीं दिया था. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए समय मांगा था. इसमें डीएनए रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट शामिल हैं. अब इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी.
बेटे की मदद के लिए आगे आए लोग
सुप्रिया ठाकुर की मौत के बाद उनके दोस्तों और स्थानीय समुदाय ने उनके इकलौते बेटे की मदद के लिए फंड जुटाना शुरू किया है. एक ऑनलाइन फंडरेजर के मुताबिक, सुप्रिया एक समर्पित मां थीं और अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए लंबे समय तक काम करती थीं.
सुप्रिया का सपना
बताया गया है कि सुप्रिया एक रजिस्टर्ड नर्स बनना चाहती थीं. वह लोगों की सेवा करना चाहती थीं और अपने बेटे के लिए सुरक्षित भविष्य बनाना उनका सबसे बड़ा सपना था. उनकी अचानक मौत ने उनके बेटे की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है.