Assam Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

संविधान में रूल ही नहीं फिर बांग्लादेश में कैसे बनेगी अंतरिम सरकार? क्या ताक पर रखे जाएंगे सारे नियम-कानून

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक नई अंतरिम सरकार बनने को तैयार है. मोहम्मद यूनुस को छात्र नेताओं के आग्रह पर नई सरकार का प्रमुख बनाया गया है. यूनुस को बांग्लादेश में गरीबी उन्मूलन को लेकर किए गए प्रयासों के तौर पर जाना जाता है.

Social media
India Daily Live

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में 400 से ज्यादा लोगों की मौत और शेख हसीना के पीएम पद छोड़ने के बाद अब बांग्लादेश में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक नई अंतरिम सरकार बनने को तैयार है. बुधवार को देश के सेना प्रमुख ने घोषणा की कि नई सरकार का शपथ ग्रहण गुरुवार को होना है और मोहम्मद यूनुस नई सरकार के प्रमुख होंगे.

मोहम्मद यूनुस बने नई सरकार के प्रमुख

मोहम्मद यूनुस को छात्र नेताओं के आग्रह पर नई सरकार का प्रमुख बनाया गया है. यूनुस को बांग्लादेश में गरीबी उन्मूलन को लेकर किए गए प्रयासों के तौर पर जाना जाता है. पेरिस में पत्रकारों से बातचीत में यूनुस ने कहा, 'मैं अब अपने देश जाने पर विचार कर रहा हूं और जो वहां हो रहा है उस पर नजर रख रहा हूं. मैं देखूंगा कि जिस मुसीबत में हम हैं उससे निकलने के लिए हम खुद को कैसे व्यवस्थित कर सकते हैं.'

देश छोड़कर भागीं हसीना

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 84 साल के अर्थशास्त्री यूनुस को मंगलवार को अंतरिम सरकार का मुखिया नियुक्त किया. बता दें कि नौकरियों में विवादास्पद कोटा सिस्टम को लेकर देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद हसीना ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गईं. उसके एक दिन पर  यूनुस की अंतरिम सरकार के मुखिया के तौर पर नियुक्ति हुई.

अंतरिम सरकार के बारे संविधान में नहीं कोई नियम
बांग्लादेश के मौजूदा कानून में अंतरिम सरकार को लेकर कोई प्रावधान नहीं है. हालांकि, पहले एक ऐसा प्रावधान था जिसे कार्यवाहक सरकार के नाम से जाना जाता था. ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 1996 में बांग्लादेश के संविधान में 13वां संशोधन कर कार्यवाहक सरकार का प्रावधान जोड़ा गया था, जिसका काम आम चुनाव कराकर नई सरकार को सत्ता हस्तांतरण करना होगा.

इसके बाद संशोधन कर संविधान के  IV  भाग के चेप्टर IIA में गैर-पार्टी कार्यवाहक सरकार का प्रावधान जोड़ा गया. इस संशोधन के तहत अनुच्छेद 58A, 58B, 58C, 58D, और 58E को शामिल किया गया जो कार्यवाहक सरकार में मुख्य सलाहकार और अन्य सलाहकारों की नियुक्ति और उनके कार्यकाल को परिभाषित करते थे.

तीन चुनावों में इस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा कार्यवाहक सरकार के सिस्टम को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद अवामी लीग सरकार ने 30 जून 2011 को संविधान संशोधन कर इसे हटा दिया.

अपीलीय प्रभाग के फैसले, जिसने कार्यवाहक सरकार को असंवैधानिक करार दिया था, ने पाया कि न्यायपालिका को शामिल किया बिना अगले दो चुनाव इस प्रक्रिया के तहत कराए जा सकते हैं. इस सलाह के बाद भी अवामी लीग ने मात्र एक महीने बाद ही संविधान संशोधन कर कार्यवाहक सरकार के नियम को पूरी तरह से समाप्त कर दिया. हालांकि कार्यवाहक सरकार को पूरी तरह से समाप्त करने का औपचारिक फैसला 13 सितंबर 2012 में आया.

वर्तमान संविधान के तहत वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल के अंत में चुनाव कराती है और विजेता पार्टी को सत्ता का हस्तांतरण किया जाता है. लेकिन देश में अचानक से सत्ता गिरने के बाद से अंतरिम सरकार की मांग उठने लगी है. संविधान में नियम न होने से बांग्लादेश के सामने कानूनी दुविधा खड़ी हो गई है.