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नीदरलैंड में खुला होलोकॉस्ट म्यूजियम, इजरायली राष्ट्रपति की उपस्थिति बनी मुसीबत!

Holocaust Museum In Netherland: यहूदियों के नरसंहार की याद में एमस्टर्डम में बनाए गए म्यूजियम का उद्घाटन डच राजा और इजरायली राष्ट्रपति की मौजूदगी में होगा.

India Daily Live

Israel Hamas War: यहूदियों पर नाजियों के अत्याचारों की याद में एम्सटर्डम में एक नेशनल होलोकॉस्ट म्यूजियम खुलने जा रहा है. यह म्यूजियम उन 102,000 यहूदियों की कहानी बताता है जिन्हें नाजियों के अत्याचारों के कारण नीदरलैंड से निर्वासित होना पड़ा था.  इस म्यूजियम का उद्घाटन रविवार को डच राजा और इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की अध्यक्षता में किया जाएगा. इजरायली राष्ट्रपति का इस उद्घाटन समारोह में शामिल होने का  विरोध हो रहा है. खबरों के मुताबिक, हर्जोग फिलिस्तीनी जनता पर इजरायली सेना को घातक हमले करने का समर्थन कर रहे हैं. 

नीदरलैंड में खुलने जा रहे एम्स्टर्डम म्यूजियन उन 102,000 यहूदियों की कहानियाँ बताता है जिन्हें नीदरलैंड से निर्वासित करने के बाद नाजी शिविरों में हत्या कर दी गई थी.  म्यूजियम में जर्मनी के द्वितीय विश्व युद्ध के कब्जे के तहत उनका किस तरह उत्पीड़न किया गया यह भी बताया गया है. नाजियों द्वारा कुल मारे गए 6 मिलियन यहूदियों में तीन चौथाई डच यहूदी थे जिनकी हत्या की गई थी. यह यूरोप के किसी भी देश का सबसे बड़ा अनुपात था. 

सात अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले की पृष्ठभूमि में डच राजा विलियम अलेक्जेंडर और इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने एक आराधनासय का दौरा करने की योजना बनाई है. इस दौरान वे होलोकॉस्ट म्यूजियम का उद्घाटन भी करेंगे.  इस दौरान फिलिस्तीन समर्थकों और इजरायली समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है. 

हर्जोग इजरायल के उन शीर्ष नेताओं में से एक हैं जिनसे संयुक्त राष्ट्र की एक शीर्ष अदालत ने गाजा में मौत की विनाशलीला और नरसंहार के कृत्य को रोकने के लिए कहा था. हर्जोग ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की टिप्पणियों को मानने से इंकार कर दिया था. फिलिस्तीन समर्थक एक डच संगठन ने द राइट्स फोरम ने हर्जोग की मौजूदगी को फिलिस्तीनियों के चेहरे पर एक तमाचा बताया. उन्होंने कहा कि वे सिर्फ असहाय होकर देख सकते हैं कि किस तरह इजरायल उनके अपने लोगों की हत्या करता है और उनसे उनकी भूमि छीन लेता है. 

रविवार के उद्घाटन से पहले जारी एक बयान में, संग्रहालय चलाने वाले यहूदी सांस्कृतिक क्वार्टर ने कहा कि वह इस जंग और इस संघर्ष के परिणामों से बेहद चिंतित है. यह स्थिति फिलिस्तीनी नागरिकों के साथ-साथ इजरायली नागरिकों के लिए भी खतरनाक है. यहूदी क्वार्टर ने बयान में आगे कहा कि म्यूजियम ऐसे समय खुल रहा है जब युद्ध चल रहा है. यह बेहद परेशान करने वाला है. यह हमारे मिशन के लिए जरूरी है कि जल्दी ही इसका कोई समाधान निकले .