बांग्लादेश में 24 घंटे में दो हिंदुओं की हत्या, किराना दुकानदार और फैक्ट्री मालिक की मौत से फैली दहशत, भारत ने जताई गहरी चिंता

बांग्लादेश में 24 घंटे के भीतर दो हिंदू पुरुषों की हत्या ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. भारत ने बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. पिछले 24 घंटों में दो हिंदू पुरुषों की अलग-अलग जिलों में निर्मम हत्या ने देश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक ओर स्थानीय स्तर पर दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर भारत, इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जता रहा है. हालिया घटनाएं बीते कुछ हफ्तों से जारी हिंसक सिलसिले की कड़ी मानी जा रही हैं.

नरसिंदी में किराना दुकानदार की हत्या

नरसिंदी जिले में रहने वाले मोनी चक्रवर्ती की सोमवार रात करीब 10 बजे धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई. मोनी चक्रवर्ती एक किराना दुकान चलाते थे. हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका. स्थानीय लोगों के अनुसार, हमला अचानक हुआ और हमलावर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.

जशोर में फैक्ट्री मालिक की गोली मारकर हत्या

मोनी चक्रवर्ती की हत्या से कुछ घंटे पहले जशोर जिले में 45 वर्षीय राणा प्रताप की हत्या कर दी गई. वह एक आइस फैक्ट्री के मालिक और एक अखबार के कार्यवाहक संपादक थे. सोमवार शाम कुछ लोग उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाकर एक गली में ले गए, जहां उनके सिर में गोली मारी गई और गला भी काट दिया गया. घटनास्थल से सात खोखे बरामद किए गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की जानकारी

स्थानीय निवासियों के मुताबिक हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे और राणा प्रताप से बहस के बाद उन्होंने फायरिंग की. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सिर में तीन गोलियां लगी थीं. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे. फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा की कड़ी

इन दो हत्याओं को बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे लगातार हमलों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. हाल के दिनों में बलात्कार, लिंचिंग और आग लगाकर हत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं. झिनाइदह में एक हिंदू महिला के साथ बर्बरता, खोकन चंद्र दास को जिंदा जलाने की कोशिश और अन्य मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इन घटनाओं से अल्पसंख्यक समुदाय में डर गहराता जा रहा है.

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर 'गंभीर चिंता' व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, अंतरिम सरकार के कार्यकाल में 2,900 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें हत्या, आगजनी और जमीन कब्जाने के मामले शामिल हैं. भारत ने साफ कहा है कि इन घटनाओं को राजनीतिक या मीडिया का अतिशयोक्ति बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.