नई दिल्ली: समुद्र के बीच चल रही एक शांत यात्रा अचानक डरावने अनुभव में बदल गई, जब एक क्रूज जहाज पर अजीब बीमारी के लक्षण सामने आने लगे. शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन धीरे-धीरे मामला गंभीर होता चला गया. कई हफ्तों तक यह रहस्य बना रहा कि आखिर यात्रियों को क्या हो रहा है. जब तक सच्चाई सामने आई, तब तक हालात बिगड़ चुके थे और कई जिंदगियां इसकी चपेट में आ चुकी थीं.
यह घटना 6 अप्रैल को शुरू हुई, जब एक 70 वर्षीय डच यात्री को बुखार, सिरदर्द और हल्के दस्त की शिकायत हुई. शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण माना गया, लेकिन 11 अप्रैल को उसकी जहाज पर ही मौत हो गई. उस समय तक यह साफ नहीं था कि बीमारी कितनी गंभीर है, जिससे बाकी यात्रियों में अनजाना खतरा बना रहा.
मामले की गंभीरता तब सामने आई जब मौत के करीब एक महीने बाद जांच रिपोर्ट में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई. यह पुष्टि दक्षिण अफ्रीका की लैब में की गई, जो जहाज से हजारों किलोमीटर दूर थी. इस देरी के कारण जहाज पर मौजूद अन्य लोग लंबे समय तक बिना स्पष्ट जानकारी के जोखिम में रहे.
धीरे-धीरे जहाज पर और लोग बीमार पड़ने लगे. अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती है. इसके अलावा तीन अन्य यात्रियों में भी लक्षण दिखे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की जा रही है. जहाज पर करीब 150 लोग सवार थे, जो अलग-अलग देशों से आए थे.
हंता वायरस एक समूह है, जो आमतौर पर चूहों के जरिए फैलता है. संक्रमित चूहों की लार, मूत्र या मल के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकता है. यह वायरस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता, लेकिन कुछ मामलों में इसकी संभावना से इनकार नहीं किया गया है. यही वजह है कि इस घटना ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
फिलहाल यह क्रूज जहाज पश्चिम अफ्रीकी तट के पास रोका गया है और यात्रियों की निगरानी की जा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य एजेंसियां इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं. यह घटना समुद्री यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े करती है और सतर्कता की जरूरत को भी उजागर करती है.