मुल्तान में लश्कर-ए-तैयबा बना रहा नया ट्रैनिंग कैंप, आतंक की नीव पर दुआ करते दिखा आतंकी हाफिज सईद; तस्वीरों से खुली पाकिस्तान की पोल
पाकिस्तान के मुल्तान में लश्कर-ए-तैयबा के नए ट्रेनिंग कैंप के निर्माण के दौरान हाफिज सईद की मौजूदगी सामने आई है. तस्वीरों ने एक बार फिर पाकिस्तान की आतंक नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नई दिल्ली: पाकिस्तान में आतंक के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बीच एक बार फिर चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है. मुल्तान में लश्कर-ए-तैयबा के नए ट्रेनिंग कैंप के निर्माण स्थल पर हाफिज सईद की मौजूदगी की तस्वीरें सामने आई हैं. इन तस्वीरों में वह निर्माण की नींव पर दुआ करता दिखाई देता है. यह वही हाफिज सईद है, जिसे भारत सहित कई देश आतंक का चेहरा मानते हैं. इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की नीयत पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मुल्तान में लश्कर का नया अड्डा
पाकिस्तान के मुल्तान शहर में एक नई इमारत का निर्माण शुरू हुआ है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का नया ट्रेनिंग कैंप बताया जा रहा है. निर्माण कार्य की शुरुआत के दौरान आयोजित कार्यक्रम में हाफिज सईद की मौजूदगी साफ देखी गई. वह न सिर्फ मौके पर पहुंचा, बल्कि नींव के समय दुआ करता हुआ भी नजर आया. यह दृश्य बताता है कि प्रतिबंधों के बावजूद आतंकी ढांचे खुलेआम खड़े किए जा रहे हैं.
तस्वीरों ने खोली पाकिस्तान की पोल
इस निर्माण स्थल से जुड़ी तस्वीरें हमारे पास मौजूद हैं, जिनमें हाफिज सईद की पहचान स्पष्ट है. ये तस्वीरें दुनिया के सामने यह सच्चाई रखती हैं कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंक की फैक्ट्री चलने दे रहा है. जिस व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी माना जाता है, वह खुलेआम आतंकी ढांचे की नींव रखता दिख रहा है, और प्रशासन मौन है.
भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी
हाफिज सईद भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल है. वह 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है और पुलवामा हमले से भी उसका नाम जुड़ा रहा है. कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और फंडिंग के कई मामलों में एनआईए ने उसे आरोपी बनाया है. इसके बावजूद पाकिस्तान में उसका सार्वजनिक रूप से दिखना गंभीर चिंता का विषय है.
जेल और फंडिंग का सच
आतंकी फंडिंग के मामलों में हाफिज सईद को पाकिस्तान में जेल भेजे जाने की खबरें भी आई थीं, लेकिन उसकी गतिविधियां कभी पूरी तरह रुकी नहीं. लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन के जरिए वह लंबे समय से आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण का नेटवर्क संभालता रहा है. यह नेटवर्क भारत के खिलाफ इस्तेमाल होता रहा है, जिसे पाकिस्तान नजरअंदाज करता आया है.
अमेरिका की चुप्पी पर सवाल
हाफिज सईद और उसके संगठन पर अमेरिका ने भी इनाम घोषित कर रखा है. अमेरिकी ‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत उसे वैश्विक आतंकवादी माना गया है. इसके बावजूद पाकिस्तान से उसकी नई तस्वीरों का सामने आना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का कमजोर होना, अमेरिका की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर भी सवाल खड़े करता है. यह चुप्पी आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कमजोर करती है.