नई दिल्ली: पाकिस्तान में भीख मांगना अब कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक संगठित धंधा बन चुका है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि माफिया हजारों लोगों को खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट कर रहा है, जिसके कारण कई देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती बरती है. फैसलाबाद जैसे शहरों में भिखारी परिवारों की कमाई से लग्जरी घर बन रहे हैं. मंत्री ने माना कि इसमें स्थानीय पुलिस और एयरपोर्ट कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल है.
ख्वाजा आसिफ ने वीडियो में खुलासा किया कि ठेकेदार महिलाओं, बच्चों और नकली विकलांगों की भर्ती करते हैं. इन्हें हजारों की तादाद में खाड़ी देशों में भेजा जाता है. मंत्री ने कहा कि भीख अब मजबूरी नहीं, बल्कि मुनाफे का पेशा बन गई है. इस गोरखधंधे से पाकिस्तान की छवि खराब हो रही है.
वीडियो में एक बच्चे से बातचीत दिखाई गई, जिसमें उसने बताया कि वह और उसके तीन भाई रोजाना औसतन 12 हजार पाकिस्तानी रुपये कमा लेते हैं. बच्चे ने कबूल किया कि उसका भाई विकलांग नहीं है, बल्कि नाटक करता है. इतनी कमाई से परिवार ने फैसलाबाद में घर खरीद लिया है.
भीख मांगने, तस्करी और अन्य अपराधों में पाकिस्तानियों की बढ़ती संख्या से परेशान होकर सऊदी अरब, यूएई समेत कई खाड़ी देशों ने दिसंबर 2024 में कम से कम 30 पाकिस्तानी शहरों के लोगों पर अनिश्चितकालीन वीजा प्रतिबंध लगा दिया. रक्षा मंत्री ने इसे माफिया की हरकतों का नतीजा बताया.
मंत्री ने स्वीकार किया कि इस रैकेट में एयरपोर्ट स्टाफ, प्रशासन और पुलिस की सांठगांठ है. प्रवासी मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2025 तक 7,800 से ज्यादा पाकिस्तानियों को भीख मांगने समेत अन्य आरोपों में विदेश से वापस भेजा गया. 2025 में कई डिपोर्ट लोगों के पासपोर्ट भी रद्द किए गए.