अब बिना प्रूफ के नहीं मिलेगी सिक लीव, वर्कप्लेस के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही इस देश की सरकार
जर्मनी सरकार ने 34 सूत्रीय आर्थिक सुधार पैकेज के तहत सिक लीव, रोजगार, टैक्स और पेंशन नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है. चलिए जानते हैं और क्या-क्या होगा बदलाव.
नई दिल्ली: जर्मनी में कर्मचारियों के लिए बीमारी की छुट्टी यानी सिक लीव से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है. चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सरकार कार्यस्थल और अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यापक सुधार लागू करने की तैयारी कर रही है. नए प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारियों को बीमारी की छुट्टी लेने के पहले ही दिन डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है. अभी कई मामलों में कर्मचारी केवल बीमारी की सूचना देकर छुट्टी ले सकते हैं, लेकिन सरकार इस व्यवस्था को सख्त बनाने की योजना पर काम कर रही है.
यह बदलाव सरकार के 34 सूत्रीय आर्थिक सुधार पैकेज का हिस्सा है. इस पैकेज में श्रम कानूनों में संशोधन, टैक्स व्यवस्था में बदलाव, पेंशन सुधार और सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने जैसे कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं. सरकार का कहना है कि इन सुधारों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
सरकार की क्या है प्लानिंग?
सरकार रोजगार नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर रही है. प्रस्ताव के मुताबिक वर्ष 2030 तक कंपनियां नए कर्मचारियों को अधिकतम चार साल तक फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर सकेंगी. इससे कंपनियों को कर्मचारियों की नियुक्ति में अधिक लचीलापन मिलेगा. इसके अलावा अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को मुआवजा देकर नौकरी से हटाने के मामलों में भी कंपनियों को पहले की तुलना में ज्यादा स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव रखा गया है.
Also Read
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने क्या कहा?
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन आर्थिक सुधारों पर सहमत हो गया है और सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक संसद से 34 सूत्रीय सुधार पैकेज के प्रमुख प्रावधानों को मंजूरी दिलाना है. उन्होंने कहा कि सरकार कारोबार को आसान बनाने, लालफीताशाही कम करने, सामाजिक कल्याण व्यवस्था को मजबूत रखने और कर्मचारियों व कंपनियों पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए लगातार काम कर रही है.
सुधार पैकेज में और क्या हो सकता है बदलाव?
सुधार पैकेज में टैक्स और पेंशन व्यवस्था में भी बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं. सरकार 10 अरब यूरो की आयकर राहत देने की योजना बना रही है. इसके लिए सालाना 2.5 लाख यूरो से अधिक आय वाले लोगों पर अधिक टैक्स लगाने का प्रस्ताव है. वहीं सेवानिवृत्ति की उम्र मौजूदा 67 वर्ष से आगे बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है.
वित्त मंत्री और उप-चांसलर लार्स क्लिंगबील ने कहा कि अधिक आय वाले लोगों को टैक्स का बड़ा हिस्सा देना चाहिए, ताकि देश के विकास और सामाजिक योजनाओं के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें. हालांकि इन सभी प्रस्तावों को लागू होने से पहले संसद की मंजूरी मिलना अभी बाकी है.