Flydubai Flight Attack: भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी ओमानी को-पायलट की हुई पहचान, जानें सबकुछ
Flydubai Flight Attack: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में की गई है.
Flydubai Flight Attack: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में की गई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच आतंकवाद और कथित कट्टरपंथी विचारों के एंगल से भी की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, हमाम अलहमामी को ओमान में अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी. अधिकारियों को उसके चरमपंथी विचारों को लेकर काफी चिंता थी.
इसके बाद उसने ओमान छोड़ दिया. फिर वो कुछ समय सीरिया में रहा. यहां उसके बारे में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, हमाम को पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन की एक भूमिका से भी हटाया गया था. यह फैसला उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर लिया गया था. हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई.
UAE में हुआ था जन्म:
सूत्रों के अनुसार, हमाम का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था. उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं. उसने अपने जीवन के कई वर्ष UAE में बिताए. जिस विमान से जुड़ा यह मामला सामने आया, वह सऊदी अरब में उतरा था. इसके बाद आरोपी को UAE भेजा गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी जांच की जा रही है. हमाम ने फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने ही काम किया था. एक अन्य सूत्र के अनुसार, उसने इससे पहले रॉयल एयर मारोक में भी काम किया था.
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तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में कैसे शामिल हुआ?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ओमान और इजरायल के बीच आधिकारिक संबंध नहीं होने के बावजूद एक ओमानी नागरिक तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के क्रू का हिस्सा कैसे बना. इजरायल की कई एजेंसियां इस सवाल की जांच कर रही हैं. इनमें शिन बेट, मोसाद, इजरायली सेना और परिवहन मंत्रालय शामिल हैं. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी को फ्लाइट के क्रू में शामिल किए जाने की प्रक्रिया क्या थी और उसके बारे में पहले से उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल कैसे किया गया.
इससे पहले बताया गया था कि आरोपी के सामान से फ्री फिलिस्तीनी ग्रुप्स से जुड़े पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामान मिला था. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि को-पायलट ने पहले फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के प्रति विरोध जताया था. हालांकि, इन दावों की जांच जारी है और उनके आधार पर उसके कथित मकसद के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगा.