यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, फ्रांस में अब तक हजारों लोगों की मौत; कई देशों में रेड अलर्ट
मरने वालों में अधिकांश 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग शामिल हैं. यूरोप के कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. कई देशों में तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. फ्रांस में इस हीटवेव के दौरान 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें अधिकांश 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग शामिल हैं. कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
कई क्षेत्रों में 40 डिग्री से पार पहुंचा तापमान
फ्रांस से लेकर स्कैंडिनेविया और आल्प्स क्षेत्र तक कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. डेनमार्क में शनिवार को अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया. स्विट्जरलैंड में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे जल संसाधनों और जलवायु पर लंबे समय के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अस्पतालों में 80 प्रतिशत बढ़ी इमरजेंसी कॉल
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. पेरिस में रिकॉर्ड गर्मी के कारण बड़ी संख्या में लोग पंखे खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचे. फ्रांस की राजधानी में अस्पतालों को मिलने वाली आपातकालीन कॉल में पिछले वर्ष की तुलना में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
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इटली के 18 शहरों में रेड अलर्ट जारी
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलान, रोम, वेनिस, फ्लोरेंस और बोलोग्ना समेत 18 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है. जर्मनी में तेज गर्मी के कारण सड़कों और रेल सेवाओं पर असर पड़ा है. वहीं स्विट्जरलैंड के बेजनाउ परमाणु संयंत्र के रिएक्टर अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं. दक्षिणी स्वीडन में बिजली गिरने की घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं.