कमला हैरिस को वीडियो रीपोस्ट कर फंस गए एलन मस्क, एक्स की नीतियों का किया उल्लंघन
एलन मस्क ने जो वीडियो पोस्ट किया है वो फेक है. इस वीडियो में कमला हैरिस राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने और देश को चलाने की बात कहती हैं. वीडियो में हैरिस खुद के बारे में बुरा बोलती दिख रही हैं. इस फेक वीडियो में कमला हैरिस कहती है कि मैं अब डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार हूं, राष्ट्रपति जो बाइडेन बुढ़ापे में हैं और फालतू के बायन देते हैं.
दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जमकर बयान दे रहे हैं. वो खुलकर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर करते हैं. अब मस्क ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसे लेकर विवाद हो गया है. शुक्रवार की रात, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक मस्क ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के एक संपादित अभियान वीडियो को फिर से पोस्ट किया, जो कि भ्रामक तरीके से डिजिटल रूप से हेरफेर किया गया प्रतीत होता है.
वीडियो डीपफेक है. इसमें कमला हैरिस की आवाज असली नहीं है. चुनाव अभियान के वीडियो में उनके मूल शब्दों के पलट दिया गया और कहते हुए दिखाया गया है कि राष्ट्रपति जो बिडेन बूढ़े हैं, वह देश चलाने के बारे में पहली बात नहीं जानती हैं. यह एक पैरोडी वीडियो है, जिसके बैकग्राउंड में AI जनरेटेड वॉयस ओवर चल रहा है.
डीपफेक वीडियो में क्या है?
इस वीडियो में कमला हैरिस राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने और देश को चलाने की बात कहती हैं. वीडियो में हैरिस खुद के बारे में बुरा बोलती दिख रही हैं. अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए एलन मस्क ने लिखा कि This is Amazing...इसके साथ ही कैप्शन में मस्क ने एक हंसने वाली इमोजी का इस्तेमाल भी किया है. दरअसल यह पैरोडी वीडियो @MrReaganUSA नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया था, जिसे मस्क ने शेयर किया.
इस फेक वीडियो में कमला हैरिस कहती है कि मैं अब डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार हूं, राष्ट्रपति जो बाइडेन बुढ़ापे में हैं और फालतू के बायन देते हैं. मैं एक महिला और एक रंगीन शख्स हूं. हो सकता है कि मैं देश चलाने के बारे में कुछ भी नहीं जानती हूं लेकिन याद रखें, अगर आप डीप स्टेट पपेट हैं तो यह अच्छी बात है.
एक्स की नीतियों का किया उल्लंघन
एलन मस्क द्वारा प्लेटफ़ॉर्म के अधिग्रहण के बाद अप्रैल 2023 में स्थापित भ्रामक मीडिया पर एक्स की नीति, ऐसी सामग्री को काफी और भ्रामक रूप से परिवर्तित, हेरफेर या मनगढ़ंत और सार्वजनिक मुद्दों पर व्यापक भ्रम पैदा करने की संभावना के रूप में परिभाषित करती है. नीति अनिवार्य करती है कि ऐसी सामग्री को लेबल किया जाना चाहिए या हटाया जाना चाहिए.