ट्रंप के 'वेनेजुएला एक्शन' से कांपा तानाशाह किम जोंग उन, नॉर्थ कोरिया में परमाणु और मिसाइल प्लान किया तेज
डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम तेज कर दिए हैं. पार्टी बैठक में परमाणु ताकत बढ़ाने की नई रणनीति सामने आ सकती है.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला में किए गए सैन्य अभियान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. इस कार्रवाई के बाद नॉर्थ कोरिया में भी बेचैनी साफ दिख रही है. सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने लंबे समय बाद पार्टी की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है, जहां परमाणु हथियारों और मिसाइल क्षमता को और मजबूत करने की योजना पर चर्चा होगी. हाल के मिसाइल परीक्षण इसी बदले हुए रुख की ओर इशारा करते हैं.
ट्रंप का ऑपरेशन और वैश्विक संदेश
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को केवल ड्रग्स विरोधी अभियान नहीं माना जा रहा. राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस तरह वहां की सत्ता को पलट दिया, उससे दुनिया को यह संदेश गया कि अमेरिका निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. इसी सख्त रुख ने नॉर्थ कोरिया के नेतृत्व को सतर्क कर दिया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ऑपरेशन उन देशों के लिए चेतावनी है, जो अमेरिका से टकराव की राह पर हैं.
परमाणु रणनीति पर किम का फोकस
किम जोंग उन ने संकेत दिए हैं कि आगामी पार्टी बैठक में परमाणु युद्ध निवारक क्षमता को अगले स्तर पर ले जाने की रूपरेखा रखी जाएगी. सरकारी मीडिया के मुताबिक, किम ने मिसाइल उत्पादन के विस्तार और आधुनिकीकरण के आदेश दिए हैं. उनका मानना है कि मजबूत परमाणु ताकत ही देश की सुरक्षा की गारंटी है. यह बैठक पांच साल बाद हो रही है, जिससे इसके फैसले बेहद अहम माने जा रहे हैं.
लगातार मिसाइल परीक्षण
जनवरी खत्म होने से पहले ही नॉर्थ कोरिया दो बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर चुका है. हाल ही में किम जोंग उन ने सीनियर अधिकारियों और अपनी छोटी बेटी के साथ बड़े-कैलिबर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण देखा. चार मिसाइलों की इस फायरिंग को ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. किम ने कहा कि ऐसे परीक्षण दुश्मनों को मानसिक दबाव में रखेंगे.
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एनालिसिस के विशेषज्ञ ली हो-रयुंग के अनुसार, पार्टी बैठक में किम जोंग उन परमाणु हथियारों के संचालन कौशल को अधिकतम करने की घोषणा कर सकते हैं. उनका कहना है कि किम पहले ही परमाणु क्षमता को चरम स्तर तक पहुंचाने की बात कर चुके हैं. अब अगला लक्ष्य इसे और प्रभावी बनाना है.
क्या किम सच में डरे हैं?
नॉर्थ कोरिया के एक पूर्व राजनयिक का मानना है कि वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई ने किम जोंग उन को यह एहसास कराया है कि सत्ता पर सीधा खतरा भी पैदा हो सकता है. उनके अनुसार, ट्रंप का ऑपरेशन किम के लिए सबसे खराब स्थिति का संकेत है. यही डर नॉर्थ कोरिया को और आक्रामक रणनीति अपनाने की ओर धकेल रहा है.