'अगर झूठ बोला तो तुरंत बातचीत बंद कर देंगे...', डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्यों दी कड़ी चेतावनी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाने का आश्वासन दिया है. ट्रंप ने कहा कि यदि यह दावा गलत निकला तो वार्ता तुरंत समाप्त हो जाएगी.

@BRICSinfo
Sagar Bhardwaj

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक नया बयान सामने आया है.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने वाशिंगटन को भरोसा दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों से किसी प्रकार का टोल, बीमा शुल्क या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के संचालन और भविष्य को लेकर दोनों देशों के बीच संवेदनशील चर्चाएं जारी हैं और वैश्विक बाजार भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. 

ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से किया दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है. ट्रंप ने हालिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ खबरों में स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान की ओर से दिया गया यह आश्वासन सही साबित नहीं हुआ तो दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत तत्काल प्रभाव से समाप्त हो सकती है. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है. 

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है. हाल के वर्षों में क्षेत्रीय तनाव के कारण यह मार्ग कई बार अंतरराष्ट्रीय चिंता का केंद्र बना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यहां किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है.  इसी वजह से इस मार्ग से जुड़ी हर घोषणा को गंभीरता से देखा जाता है. 


अमेरिका ने शुल्क के विचार का किया विरोध

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी देश द्वारा टोल या अतिरिक्त शुल्क लगाना स्वीकार्य नहीं होगा. उनका कहना है कि ऐसे समुद्री मार्ग वैश्विक उपयोग के लिए खुले रहते हैं और उन पर किसी एक देश का आर्थिक नियंत्रण नहीं हो सकता. अमेरिका ने इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही साफ कर दिया था.  ट्रंप का ताजा बयान भी इसी नीति के अनुरूप माना जा रहा है. 

वार्ता के सामने अब भी कई चुनौतियां

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है. दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर आगे बढ़े हैं, लेकिन परमाणु निरीक्षण और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे विषय अब भी विवाद का कारण बने हुए हैं. इसके अलावा प्रतिबंधों और आर्थिक राहत से जुड़े मुद्दों पर भी पूरी सहमति नहीं बन सकी है. हालांकि दोनों देश बातचीत जारी रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में इन जटिल मुद्दों पर होने वाली प्रगति ही वार्ता की दिशा तय करेगी.