अमेरिकी एयरक्राफ्ट का नष्ट होना ईरान के साथ बातचीत पर नहीं डालेगा कोई असर: डोनाल्ड ट्रंप

ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट को मार गिराया है. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एक अमेरिकी सैन्य विमान के नुकसान से ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत नहीं रुकेगी.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध की स्थिति दिन ब दिन तनावपूर्ण होती जा रही है. शुक्रवार को ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट मार गिराए हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एक अमेरिकी सैन्य विमान के नुकसान से ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत नहीं रुकेगी.

बता दें कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी विमान के कथित रूप से गिराए जाने के बाद यह उनकी पहली प्रतिक्रिया थी. उन्होंने साफ किया था कि सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास एक ही समय पर चल रहे हैं. 

ट्रंप ने जताई मीडिया से नाराजगी:

ट्रंप ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में कोई डिटेल नहीं दी है. उन्होंने कहा है कि यह मामला काफी सेंसिटिव है. ट्रंप ने इस बात पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मीडिया किस तरह से जटिल और सक्रिय सैन्य अभियान को कवर कर रहा है.

इस बीच, ईरान ने एक नया दावा किया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी A-10 ग्राउंड-अटैक विमान को मार गिराया है. हालांकि, इस दावे को लेकर कई पुष्टि नहीं की गई है. A-10 एक स्पेशल अमेरिकी एयरक्राफ्ट है, जिसे ग्राउंड पर लड़ रहे सैनिकों को सहायता देने के लिए डिजाइन किया गया है. 

अमेरिकी पायलट को बचा लेने का किया दावा:

इन सभी दावों के बीच अमेरिकी सेना ने भी एक दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी लड़ाकू विमान से एक चालक दल के सदस्य को सफलतापूर्वक बचा लिया है. साथ ही कहा कि वह व्यक्ति जीवित है और उसका इलाज चल रहा है. 

बता दें कि जो एयरक्राफ्ट गिराया गया उसकी पहचान F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान के तौर पर हुई है. यह आमतौर पर दो चालक दल के सदस्यों के साथ उड़ता है. इसमें से एक चालक दल के सदस्य को बचा लिया गया है, दूसरे व्यक्ति की खोज की जा रही है. ट्रंप के बयान से यह साफ है कि वह ईरान के साथ बातचीत का दरवाजा अभी खुला रखेंगे और सैन्य अभियान भी जारी रखेंगे.