ट्रंप की नई धमकी से भारत-चीन पर संकट! रूस से तेल खरीदने पर लग सकता है 100 प्रतिशत टैरिफ
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है.
नई दिल्ली: न्यूयॉर्क से सामने आई एक खबर ने भारत के व्यापार और ऊर्जा हितों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े नए प्रतिबंध कानून के तहत मिले टैरिफ अधिकारों के इस्तेमाल की धमकी दी है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने के लिए प्रयास कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नए अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी कानून रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. मौजूदा खरीद के आधार पर भारत और चीन इस दायरे में आते हैं. हालांकि, कानून अपने आप किसी देश पर 100 प्रतिशत शुल्क लागू नहीं करता. टैरिफ लगाना है या नहीं और इसकी दर क्या होगी, इसका फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के पास है.
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से कहा कि उन्होंने कांग्रेस द्वारा पारित एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे उन्हें व्यापक टैरिफ अधिकार मिले हैं. उन्होंने संकेत दिया कि यदि रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए जरूरी हुआ तो इन अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ट्रंप ने युद्ध में हो रही मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि अब हिंसा रोकने का समय आ गया है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
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भारत और चीन क्यों आए दायरे में?
ट्रंप ने जिस कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, उसका नाम Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 है. कानून रूस के ऊर्जा क्षेत्र और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों पर प्रतिबंधों को मजबूत करता है. इसके साथ राष्ट्रपति को रूस के तेल और गैस के पांच बड़े विदेशी खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है. मौजूदा आयात आंकड़ों के मुताबिक भारत और चीन इस सूची में आते हैं.
जेलेंस्की ने ट्रंप का जताया आभार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात के दौरान उनके समर्थन और कानून के लिए धन्यवाद दिया. दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में करीब 40 मिनट बातचीत हुई. चर्चा का केंद्र रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिशें रहीं. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूस के साथ ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के किसी भी प्रारूप पर बातचीत के लिए तैयार है और वह युद्ध समाप्त करने के लिए त्रिपक्षीय बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने को भी तैयार हैं.
अभी भारत पर सीधे नहीं लगा है 100% टैरिफ
सबसे अहम बात यह है कि कानून लागू होने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100 प्रतिशत शुल्क लगा दिया गया है. कानून राष्ट्रपति को ऐसा करने का अधिकार देता है, लेकिन किसी देश को निशाना बनाना और शुल्क की वास्तविक दर तय करना अलग फैसला है. भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस से होने वाला कच्चे तेल का आयात उसकी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा है. आगे अमेरिकी प्रशासन इस अधिकार का इस्तेमाल किस तरह करता है, इसी पर स्थिति स्पष्ट होगी.