'अमेरिका आसानी से जीतेगा', ईरान पर हमले को लेकर बोले ट्रंप, सेना में फूट की खबरों को किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर मीडिया की खबरों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि जनरल डैन केन युद्ध के खिलाफ नहीं हैं और अमेरिका आसानी से जीतेगा. ट्रंप ने कूटनीति को प्राथमिकता दी, लेकिन समझौता न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. 

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी मीडिया में दावा किया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेना के शीर्ष अधिकारी ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर एकमत नहीं हैं. जनरल डैन केन ने कथित तौर पर लंबे युद्ध और सैनिकों के नुकसान की चेतावनी दी थी. लेकिन सोमवार को ट्रंप ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका आसानी से जीत जाएगा और अंतिम फैसला वही लेंगे. दोनों देशों के बीच बातचीत भी जारी है. 

ट्रंप ने मीडिया खबरों को किया खारिज

ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया कि जनरल डैन केन के ईरान युद्ध के खिलाफ होने की खबरें 100 प्रतिशत गलत हैं. उन्होंने कहा कि जनरल केन भी युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर आदेश हुआ तो वे आगे रहकर नेतृत्व करेंगे. ट्रंप ने मीडिया पर जानबूझकर गलत खबरें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वे ईरान के साथ समझौता चाहते हैं. 

सेना प्रमुख की कथित चेतावनी

वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि जनरल केन ने हथियारों की कमी और सहयोगी देशों के कम समर्थन से सैनिकों को खतरा होने की बात कही. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सैनिक हताहत और हवाई रक्षा कमजोर होने का जिक्र किया. एक्सियोस के अनुसार, जनरल केन ने लंबे संघर्ष में फंसने की आशंका जताई. ट्रंप के दूत और दामाद ने भी कूटनीति की सलाह दी थी.

ट्रंप की सख्त चेतावनी और सैन्य तैयारी

ट्रंप ने कहा कि अगर बातचीत नाकाम हुई तो ईरान और उसके लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा. उन्होंने पिछले साल परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश देने और 2018 में परमाणु समझौता तोड़ने का जिक्र किया. मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने दो विमानवाहक पोत, युद्धपोत और फाइटर जेट तैनात किए हैं. दोनों देशों के बीच अगली बैठक गुरुवार को प्रस्तावित है.

बातचीत जारी, लेकिन तनाव बरकरार

अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि ईरान के साथ बातचीत का दौर चल रहा है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला उनका होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के बावजूद ट्रंप का रुख सख्त है. अगर कूटनीति सफल नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ सकती है. क्षेत्र में शांति के लिए सभी की निगाहें इन वार्ताओं पर टिकी हैं.