फ्रेंडली फायर का दावा झूठ! US ने ट्रंप पर हमला की कोशिश करने वाले हमलावर का शेयर किया वीडियो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश करने वाले कोल एलन का एक नया वीडियो सामने आया है. जिसमें हमलावर को रेकी लेते देखा जा सकता है. इसके बाद इस वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कैसे उसने निशाना बनाया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हमला करने की कोशिश की गई. हालांकि हमला करने वाले की योजना सफल नहीं रही. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए हमलावर को गिरफ्तार कर लिया.
हमले के दौरान होटल के बॉलरूम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान 2 हजार से भी ज्यादा लोग मौजूद थे, जिसमें ट्रंप प्रशासन के अधिकारी और पत्रकार शामिल थे. घटना के कुछ दिन बाद अमेरिकी फेडरल वकीलों ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण वीडियो जारी किया है. जिसमें आरोपी कोल थॉमस एलन द्वारा किया गया हमला साफ नजर आ रहा है.
सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
यूएस अटॉर्नी जीनिन पिरो द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए किए वीडियो में 31 साल के कोल एलन को सेंसर गेट से भागते हुए देखा जा सकता है. इस दौरान वे एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी पर गोली चलाते भी नजर आ रहा है. वह तेजी से उस बॉलरूम की ओर बढ़ रहा था, जहां राष्ट्रपति ट्रंप मौजूद थे.
पिरो ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि एलन, राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश के दौरान सीक्रेट सर्विस अधिकारी पर गोली चलाता दिख रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि गोलीबारी फ्रेंडली फायर नहीं की गई है. उन्होंने बताया कि यह वीडियो पहले ही यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को सौंप दिया गया. वीडियो में एलन पर पुलिसवालों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई गोलियां चलाई गईं.
अमेरिकी कोर्ट में पेश हुआ आरोपी
कोर्ट दस्तावेजों में वकीलों ने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले एलन ने अपने होटल रूम में सेल्फी ली थी. उस समय उसके पास गोलियों का बैग, कंधे पर लटकाने वाला गन होल्स्टर और चाकू की म्यान मौजूद थी. उसने खुद को फ्रेंडली फेडरल असासिन बताया और ट्रंप प्रशासन के कुछ फैसलों पर नाराजगी जताई.
अदालत में गुरुवार को संक्षिप्त पेशी के दौरान उसने कोई दलील नहीं दी और मुकदमे की सुनवाई तक जेल में रहने पर सहमति जताई. एलन पर सोमवार को कोर्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया गया. इसके अलावा हथियारों से जुड़े दो अन्य गंभीर आरोप भी हैं, जिनमें हिंसा वाले अपराध के दौरान हथियार चलाना शामिल है. अगर वह दोषी साबित होता है तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
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