'ट्रंप केवल धमकियां नहीं देते बल्कि कहर बरपाने के लिए...', व्हाइट हाउस सेक्रेटरी ने ईरान को दी चेतावनी
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ईरान को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ट्रंप शांति चाहते हैं, लेकिन अगर ईरान हार नहीं मानता है तो राष्ट्रपति कहर बरपाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिनों के लिए रोका है. उनका कहना है कि इस दौरान अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक तरीके से समझौते की कोशिश करेगी. इसके लिए उन्होंने ईरान के सामने कुछ शर्तें भी रखी है. हालांकि ईरान द्वारा लगातार समझौते की बात को इनकार किया जा रहा है. इसी बीच इस समझौते को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने साफ संदेश दिया है.
कैरोलिन लेविट ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप केवल शांति चाहते हैं. उन्होंने आगे ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान अपनी सैन्य हार को स्वीकार नहीं करता, तो उस पर अब तक का सबसे भारी हमला किया जाएगा.
अमेरिकी प्रेस सेक्रेटरी ने क्या कहा?
प्रेस सेक्रेटरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पानी और हवा के अलावा जमीनी स्तर पर भी अपनी सेना को उतारने की तैयारी कर रहा है. कैरोलिन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की पहली प्राथमिकता हमेशा शांति रही है. उन्होंने कहा कि अब और ज्यादा मौतें और तबाही नहीं होनी चाहिए. लेकिन अगर ईरान मौजूदा सैन्य वास्तविकता को नहीं समझता और अपनी हार स्वीकार नहीं करता है, तो ट्रंप प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान पर अब तक का सबसे जोरदार अटैक किया जाए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप केवल धमकियां नहीं देते. वे कहर बरपाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसे लेकर ईरान को कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.
ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमला
अमेरिका-इजरायल के हमले से ईरान को हुए नुकसान को एक बार फिर से याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले गलत अनुमानों की कीमत उसे अपनी वरिष्ठ नेतृत्व, नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम खोकर चुकानी पड़ी है. इसके बाद भी अगर कोई हिंसा होती है, तो उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह ईरानी शासन पर होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि उसने हार मानने और कोई समझौता करने से इनकार कर दिया है. लेविट ने बताया कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो चुकी हैं. उन्होंने दावा किया कि अब तक दुश्मन के 9,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं.
अमेरिका के शर्तों को नहीं मान रहा ईरान
वहीं ईरान की बात करें तो लगातार वह शांति वार्ता के लिए इनकार कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए कोई बातचीत नहीं की है और न ही कोई ऐसी योजना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अलग-अलग मध्यस्थों के जरिए संदेश भेज रहा है, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता. इसके साथ उन्होंने अमेरिका के 15-सूत्रीय योजना को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया है.
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