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अदालत के फैसले के बाद बदले डोनाल्ड ट्रंप के तेवर, इमीडिएट इफेक्ट से 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को गैरकानूनी बताते हुए यूएस की अदालत ने टैरिफ हटाने का आदेश दिया. जिसके बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि उन्होंने देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर साइन किया है.

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Shanu Sharma

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने टैरिफ नीति में बदलाव किया है. हालांकि उन्होंने अदालत के फैसले पर निराशा जताते हुए वैश्विक इंपोर्ट पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. अमेरिका की अदालत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को कानून के खिलाफ बताया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के फैसले पर निराशा जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया है. उन्होंने कहा कि मैंने अभी-अभी ओवल ऑफिस से सभी देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर साइन किया है, जो लगभग तुरंत लागू हो जाएगा.आदेश के मुताबिक नया टैरिफ अगले 150 दिनों के लिए लागू रहेगा.

क्या है ट्रंप का तर्क?

ट्रंप का यह ऐलान सुप्रीम कोर्ट के 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को अमान्य बताने के बाद आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के सामने इस बात को कन्फर्म किया कि उनका एडमिनिस्ट्रेशन 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत हर देश के लिए नई जांच शुरू कर रहा है. उन्होंने कहा कि ये कदम अमेरिका को दूसरे देशों और कंपनियों के गलत ट्रेडिंग तरीकों से बचाने के लिए उठाया गया है. अदालत के फैसले पर ट्रंप ने कहा कि हमारे पास विकल्प हैं, बहुत अच्छे विकल्प है. हम और पैसे लेंगे और इससे हम बहुत मजबूत होंगे.

विरोध करने वाले जजों के खिलाफ भड़के ट्रंप

अदालत के फैसले पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने जज को 'कट्टर वामपंथियों के पालतू' तक कह दिया. उन्होंने कहा कि वे वफादार नहीं है बल्कि कुछ लोगों से डरते हैं. उन्होंने जज के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि 'मुझ अदालत के कुछ लोगों पर शर्म आती है. इनमें देश हित के लिए काम करने की हिम्मत नहीं है.' वहीं उन्होंने उन 3 जजों की तारीफ की, जिन्होंने बाकी जजों के फैसले का असमर्थन किया.

ट्रंप ने उनके नीति को गलत बताने वाले जजों को लेकर कहा कि वे हर उस चीज के खिलाफ हैं जो अमेरिका को एक महान देश बनाती है. इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कह दिया कि वे हमारे देश के लिए शर्म हैं. ट्रंप ने जजों के फैसलों को पूरी तरह से ना मानते हुए कहा कि मुझे संसद की जरूरत नहीं, मैं राष्ट्रपति को मिले अधिकारों से इसे लागू रख सकता हूं. हालांकि अदालत ने रिफंड पर कोई फैसला नहीं सुनाया है,  जिससे वसूला गया कोई भी टैरिफ वापस नहीं किया जाएगा.