यूक्रेन में शादीशुदा मर्दों के रिश्तों को खत्म कर रहा रूस, हमले की वजह से सैनिकों की पत्नियां दे रही हैं तलाक
रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध को फरवरी में तीन साल पूरे हो जाएंगे. युद्ध की वजह से यूक्रेन में तलाक के मामले बढ़े हैं. तलाक लेने वाली अधिकतर महिलाओं के पति सेना में सेवाए दे रहे हैं.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की वजह से शादीशुदा सैनिकों का जीवन बर्बाद हो रहा है. क्योंकि युद्ध की वजह से सैनिक पति अपने घर नहीं जा पा रहे हैं जिसके चलते तलाक के मामले बढ़ते जा रहे हैं. खासकर यूक्रेन में. दोनों देशों के बीच जारी युद्ध के फरवरी में 3 साल पूरे हो जाएंगे. इन 3 सालों में न जाने कितनी जिंदगियां तबाह हो गई और न जाने कितनों की तबाह होगी. देश की लड़ते हुए शहीद होना एक अलग बात है लेकिन रिश्तों की वजह से मर जाना किसी गहरे सदमे से कम नहीं. इस युद्ध में यूक्रेन की रहने वाली ओक्साना के पति भी देश की ओर से अपनी सेवा दे रहे हैं. दोनों की शादी के 18 महीनें हो गए हैं लेकिन शादी के बाद से दंपति 2 से 3 ही बार एक दूसरे से कुछ ही समय के लिए मिल पाए हैं.
ओक्साना और उनके पति आरतेम चाहते हैं कि उनका बच्चों हो लेकिन युद्ध की वजह से दोनों की मुलाकात ही नहीं हो पाती. ओक्साना पति से मिलने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर की यात्रा करती हैं.
वह अपने घर से खारकीएव आती है फिर यहां से पूर्वी यूक्रेन के शहर दोनेत्स्क जाकर अपने पति से मुलाकात करती हैं. ये मुलाकात 1 रात की ही होती है. दोनों की पहली डेट अप्रैल 2022 में हुई थी. इसके बाद वह दूसरी बार नवंबर में मिले. इसके बाद आरतेम घायल हो गए वहीं उनकी पत्नी को गर्भपात का सामना करना पड़ा.
दोनों के लिए युद्ध का यह समय मुश्किल भरा है. पत्नी ओक्साना ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, "मैं अपने जींदगी की कल्पना अपने पति के बिना नहीं कर सकती. जब मैं उनसे मिलती हूं तो एक अलग ही एहसास होता है."
दोनों के बीच इतना गहरा प्यार था कि दोनों ने एक दूसरे को तलाक नहीं दिया. लेकिन युद्ध की वजह से यूक्रेन में परिवारों का टूटने का सिलसिला जारी है. UN की एक रिपोर्ट के अनुसार युद्ध की वजह से लगभग 60 लाख यूक्रेनी अपना देश छोड़ चुके हैं.
यूक्रेन छोड़कर अन्य देशों में जाकर रहने वालों में से अधिकतर महिलाएं और उनके बच्चे हैं. क्योंकि देश में मॉर्शल लॉ के लागू होने की वजह से 18 से 60 साल के पुरुष देश नहीं छोड़ सकते.
यूक्रेन में सैनिक एक साल में सिर्फ 30 दिन की ही छुट्टी ले सकते हैं. अगर उनके परिवार में कोई समस्या आती है तो वह 10 की इमरजेंसी लीव पर जा सकते हैं.
युद्ध की वजह से यूक्रेन में जन्मदर भी कम हुई है. 2019 में यूक्रेन में 309,000 बच्चे पैदा हुए थे वहीं 2023 में ये आंकड़ा सिर्फ 187,000 रहा. n
यूक्रेन में तलाक के मामले बढ़े हैं. रिपोर्ट के अनुसार 2024 की पहली छमाही में 2023 के मुकाबले तलाक के मामले 50 फीसदी बढ़े हैं.
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