PM मोदी की शांति अपील का रूस पर हुआ असर? शांति पहल के लिए अमेरिका भी हुआ एक्टिव
रूस और यूक्रेन युद्ध अब खत्म होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुलाकात के बाद ये हलचल और तेज हो गई है.
रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध को अब चार साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है. हालांकि अब इस जंग को खत्म करने की कोशिश तेज होती नजर आ रही है. एक ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से इस युद्ध को खत्म करने पर बातचीत की, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन को लगातार समझाने की कोशिश कर रहे हैं.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को एक वीडियो में अपने संबोधन के दौरान कहा कि रूस के साथ संभावित शांति समझौते का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि इसके लिए अमेरिकी वार्ताकार किसी भी दिन यूक्रेन और रूस का दौरा कर सकते हैं.
पुतिन और पीएम मोदी की बातचीत
जेलेंस्की ने बताया कि आने वाले दिनों में अमेरिकी अधिकारी रूस और यूक्रेन दोनों जगहों पर बैठक करेंगे. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकारियों के बीच यह हलचल तब और ज्यादा बढ़ गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन युद्ध को लेकर सीधी चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा एससीओ सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कभी न खत्म होने वाले युद्ध से बाहर निकलने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि जंग हमेशा इंसानियत को पीछे ले जाती है और किसी भी समस्या का समाधान जंग के मैदान में निकालना संभव नहीं है.
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पुतिन ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस वार्ता के बाद पुतिन ने सार्वजनिक तौर पर युद्ध को लेकर अपनी राय रखी. इस दौरान उन्होंने कहा कि रूस अब अस्थायी शांति स्थापित करने के बजाय पूर्ण तरीके से शांति स्थापित करने के लिए तैयार है. मॉस्को उन सभी पक्षों से चर्चा के लिए तैयार है जो इस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हों. हालांकि उन्होंने इसके साथ यह भी साफ किया कि किसी भी रिजल्ट से पहले उनके मूल रणनीतिक हितों का ध्यान रखना होगा. पुतिन के इस बयान के बाद अब जेलेंस्की की ओर से अमेरिकी वार्ताकार मॉस्को जाने की तैयारी कर रहे हैं. जिससे चार साल से चल रहे इस युद्ध के खत्म होने की हलचल तेज हो गई है. हालांकि इतनी जल्दी किसी भी तरह का दावा करना जल्दबाजी हो सकता है.