'तानाशाह की मौत', खामेनेई सरकार के विरोध में एक बार फिर से सड़क पर उतरे ईरानी छात्र, बड़े पैमाने पर फिर शुरु हुआ प्रदर्शन
ईरान में विरोध की एक नई लहर फिर से शुरू हो चुकी है. देश के युवा खामेनेई सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़क पर उतर चुके हैं.
ईरान में उठा पटक जारी है, एक बार फिर से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए हैं. पिछले साल दिसंबर से ही देश में चल रहे आर्थिक संकट के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है. एक बार फिर से छात्रों ने ईरान की खराब हालत पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को जिम्मेदार बताया है.
ईरान में अस्थिरता का माहौल है. हजारों लोगों की मौत के बाद भी लोगों का गुस्सा थमा नहीं है. अभी भी बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में खामेनेई को हत्यारा नेता कहते सुना जा सकता है.वहीं निर्वासित शाह रेजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग भी की जा रही है.
सड़क पर फिर से उतरे छात्र
प्रदर्शनों के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की पैरामिलिट्री इकाइयों को तैनात किया गया. ईरान इंटरनेशनल चैनल के फुटेज में दिखाया गया कि सुरक्षा बलों ने छात्रों पर हमला किया, जिससे कई घायल हुए. फार्स न्यूज एजेंसी ने झड़पों की पुष्टि की, लेकिन मौतों की पुष्टि नहीं की गई है. सरकारी दमन की यह रणनीति पुरानी है, जहां विरोध को दुश्मनों की साजिश बताकर कुचला जाता है.
अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर के प्रदर्शनों में 3,000 से अधिक मौतें हुईं थी. हालांकि, अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी HRANA ने 7,000 से ज्यादा लोग मारे जाने की बात कही थी. साथ ही यह भी कहा गया था कि असली संख्या इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि कई घटनाएं छिपाई गईं. हालांकि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका और इजराइल पर दंगों को भड़काने का आरोप लगाया है.
ईरान और अमेरिका के बीच टेंशन
ईरान और अमेरिका के बीच भी तनाव बढ़ गया है. शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार को देश के छात्रों पर एक्शन लेने पर धकमी दी थी. हालांकि बांद में इसे न्यूक्लियर कार्यक्रम की ओर टाल दिया गया. पश्चिमी देशों को डर है कि यह कार्यक्रम हथियार बनाने का माध्यम है. हाल ही में ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू हुई, लेकिन उतनी सफल नहीं रही. वहीं अमेरिका ने जमीनी स्तर पर तो नहीं लेकिन अरब सागर में अपने युद्धपोत और कई फाइटर जेटों को भी तैनात रखा है. दोनों देशों के बीच चल रहे गरम माहौल में ऐसा लग रहा है जैसे किसी भी वक्त हमला हो सकता है. एक बार फिर से छात्रों के इस प्रदर्शन से देश में बड़ा बदलाव हो सकता है.
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